7 नवंबर को मनाई जाएगी श्री हनुमान जयंती, जानिए पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और महत्व
भगवान हनुमान को माना जाता है शक्ति, साहस, भक्ति और समर्पण का प्रतीक
Lucknow: श्री हनुमान जयंती का पर्व 7 नवंबर, शनिवार को मनाया जाएगा। इस दिन को काली चौदस के नाम से भी जाना जाता है। यह जानकारी ज्योतिषाचार्य एस. एस. नागपाल ने दी। लखनऊ में अलीगंज स्थित स्वास्तिक ज्योतिष केन्द्र के ज्योतिषाचार्य श्री नागपाल ने बताया कि हनुमानजी का जन्म कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मंगलवार के दिन, स्वाति नक्षत्र और मेष लग्न में हुआ था।
भगवान हनुमान को शक्ति, साहस, भक्ति और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। इनकी आराधना करने पर भक्तों के संकट दूर होते हैं, इसी कारण उन्हें संकटमोचन भी कहा जाता है।
पूजा विधि — ऐसे करें बजरंगबली की पूजा
सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें। भगवान हनुमान जी के सामने पूजा का संकल्प लें। बजरंगबली के सामने घी या चमेली के तेल का दीपक जलाएं। हनुमान जी को सिंदूर, चमेली का तेल, लाल फूल और लाल वस्त्र अर्पित करें। भगवान को बूंदी के लड्डू, गुड़-चना और मौसमी फलों का भोग लगाएं।
पूजा में भगवान का ध्यान करें, फिर हनुमान चालीसा, बजरंग बाण और सुंदरकांड का पाठ करें। इसके बाद हनुमान जी के मंत्रों का जाप भी कर सकते हैं। अंत में हनुमान जी की आरती करें और परिवार की सुख-शांति एवं खुशहाली की प्रार्थना करें।
क्या मिलेगा लाभ?
ज्योतिषाचार्य एस. एस. नागपाल के अनुसार हनुमान जी की पूजा से जीवन में बल, बुद्धि, साहस, संकटों पर विजय, निरोगिता प्राप्त होती है और मंगल ग्रह संबंधी दोष दूर होते हैं।
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