लखनऊ के BKT और मोहनलालगंज में पंजीकृत गर्भवतियों की होगी TB स्क्रीनिंग

मातृ स्वास्थ्य सेवाओं से TB जांच को जोड़ने के लिए आयोजित किया गया प्रशिक्षण

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Lucknow: पंजीकृत गर्भवती महिलाओं में टीबी की समय पर पहचान और उपचार सुनिश्चित करने के लिए मातृ स्वास्थ्य सेवाओं के साथ TB स्क्रीनिंग को जोड़ा जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय सभागार में प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित हुआ।

संस्था ने प्रशिक्षण में दिया सहयोग

स्वास्थ्य विभाग के तत्वावधान तथा सहयोगी संस्था ममता-एचआईएमसी-TIFA (ट्यूबरकुलोसिस इम्प्लीमेंटेशन फ्रेमवर्क एग्रीमेंट) परियोजना के सहयोग से आयोजित प्रशिक्षण में ब्लॉक स्तरीय चिकित्सकीय एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच (ANC) के दौरान TB की स्क्रीनिंग, जांच, उपचार, रेफरल और रिकॉर्डिंग की प्रक्रिया के बारे में प्रशिक्षित किया गया।

दो ब्लॉक BKT और मोहनलालगंज में परियोजना की शुरुआत

प्रशिक्षण का शुभारंभ करते हुए CMO डॉ. N.B. सिंह ने कहा कि यह परियोजना लखनऊ के दो ब्लॉक- बक्शी का तालाब (BKT) और मोहनलालगंज में शुरू की गई है। इसका उद्देश्य हर गर्भवती महिला की प्रत्येक ANC विजिट के दौरान TB के संभावित लक्षणों की पहचान कर जरूरत पड़ने पर समय से जांच एवं उपचार शुरू कराना है।

TB की समय पर पहचान मां और गर्भस्थ शिशु दोनों के लिए महत्वपूर्ण

उन्होंने कहा कि गर्भावस्था के दौरान TB की समय पर पहचान, मां और गर्भस्थ शिशु दोनों के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। प्रजनन एवं बाल स्वास्थ्य (RCH) के नोडल डॉ. M.H. सिद्दीकी ने कहा कि प्रत्येक ANC संपर्क पर TB के संभावित लक्षणों की स्क्रीनिंग के साथ संभावित महिला को समय से जांच के लिए रेफर किया जाना चाहिए।

स्वास्थ्यकर्मियों को स्क्रीनिंग की सही प्रक्रिया की जानकारी होना जरूरी 

स्क्रीनिंग, जांच और रेफरल की जानकारी RCH एवं ई-कवच पोर्टल पर दर्ज करने से जांच और उपचार की प्रक्रिया को ट्रैक किया जा सकेगा। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. A.K. सिंघल ने कहा कि गर्भवती महिलाओं में TB की समय से पहचान के लिए स्वास्थ्यकर्मियों को स्क्रीनिंग की सही प्रक्रिया की जानकारी होना जरूरी है।

TB के दस प्रमुख लक्षणों की पहचान

प्रशिक्षण में TB के दस प्रमुख लक्षणों की पहचान, संवेदनशील परामर्श, सहमति एवं गोपनीयता, बलगम का सही नमूना लेने और सुरक्षित जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया समझाई गई। TB स्क्रीनिंग को टेस्ट, ट्रीट, प्रिवेंट और बिल्ड के चार चरणों में लागू करने तथा संक्रमण से बचाव एवं नियंत्रण पर भी जोर दिया गया।

विभिन्न स्वास्थ्य प्रणालियों में सही पहचान और रिकॉर्डिंग के महत्व को भी समझाया 

आरसीएच, ई-कवच और निक्षय जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जानकारी दर्ज करने तथा एक ही महिला की विभिन्न स्वास्थ्य प्रणालियों में सही पहचान और रिकॉर्डिंग के महत्व को भी समझाया गया। कार्यक्रम में ममता-एचआईएमसी के सीनियर असिस्टेंट डायरेक्टर अताउर रहमान ने परियोजना की जानकारी दी। यह परियोजना लखनऊ सहित बरेली और बहराइच में भी शुरू की गई है।

प्रशिक्षण में ये अधिकारी, कर्मचारी व संस्था से जुड़े लोग रहें शामिल

प्रशिक्षण में जिला कार्यक्रम प्रबंधक सतीश यादव, समुदाय प्रक्रिया प्रबंधक विष्णु प्रताप, BKT और मोहनलालगंज के चिकित्सा अधीक्षक, चिकित्सा अधिकारी, NTEP के सदस्य, BPM, ICDS से बाल विकास परियोजना अधिकारी तथा ममता-एचआईएमसी के M&E मैनेजर भूपेंद्र कुमार सहित कुल 35 प्रतिभागियों ने भाग लिया।

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