लखनऊ मंडल में तीसरे दिन भी हुआ निरीक्षण, रेल अफसरों ने जांची पेयजल की गुणवत्ता

स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से संबंधित व्यवस्थाओं का भी लिया जायजा

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Lucknow: विशेष अभियान के तीसरे दिन शनिवार को अपर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (स्वास्थ्य) डॉ. पंकज गोयल ने लखनऊ मंडल में आलमबाग स्थित डीजल शेड हेल्थ यूनिट का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से संबंधित व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया।

जांच में शून्य मिली क्लोरीन की मात्रा

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यहां पेयजल की जांच में क्लोरीन की मात्रा शून्य मिली, जिस पर आवश्यक सुधार की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वहीं, प्रतापगढ़ स्टेशन पर प्लेटफॉर्म नंबर 01 स्थित वॉटर बूथ नंबर 05 से अवशिष्ट क्लोरीन (Residual Chlorine) की जांच की गई, जो संतोषजनक पाई गई।

क्लोरीन की मात्रा शून्य (Nil) पाई गई

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उधर, जौनपुर में शाहगंज स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 01 पर स्थित वॉटर बूथ नंबर 01 पर जांच की गई, जिसमें अवशिष्ट क्लोरीन की मात्रा शून्य (Nil) पाई गई, जो असंतोषजनक है। रेल अफसरों के मुताबिक, इस संबंध में संबंधित विभाग को आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई के लिए सूचित किया जाएगा।

रेलवे बोर्ड ने जारी किया है दिशा-निर्देश

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उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के सीनियर DCM समर्थ गुप्ता के मुताबिक, रेलवे बोर्ड ने दिशा-निर्देश जारी किया है। इसी के अनुपालन में लखनऊ मंडल में 20 अगस्त से 15 दिवसीय विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग द्वारा विभिन्न रेल परिसरों एवं स्टेशनों पर औचक निरीक्षण तथा पेयजल की गुणवत्ता की जांच की जा रही है।

कमियों पर त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई करना ही उद्देश्य

समर्थ गुप्ता ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य रेलवे परिसरों में सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना तथा निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली कमियों पर त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई करना है। DRM सुनील कुमार वर्मा के मार्गदर्शन एवं मंडल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. चारु चंद सक्सेना के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा यह विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है।

यात्रियों को शुद्ध पेयजल की उपलब्ध कराना मकसद

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इस दौरान रेलवे कॉलोनी, परिसरों एवं स्टेशनों पर यात्रियों को शुद्ध व सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही पेयजल में क्लोरीनेशन से संबंधित कमियों की पहचान कर त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई एवं पेयजल व्यवस्था में प्रभावी सुधार सुनिश्चित करने के लिए नियमित निगरानी व जांच की जा रही है।

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