जयपुर से दुनिया तक: IPO के बाद आक्रामक विस्तार की तैयारी
IPO के बाद आक्रामक विस्तार की तैयारी,3 साल में 30 नए स्टोर खोलेगी अदित ज्वेल्स, Gen Z के लिए भी आएगी खास जूलरी
नई दिल्ली। धीरज कुमार
जयपुर स्थित आभूषण निर्माता अदित ज्वेल्स लिमिटेड अपने आईपीओ के जरिए पूंजी जुटाने के साथ अब बड़े विस्तार की तैयारी में जुट गई है। कंपनी के पूर्णकालिक निदेशक प्रतीक गिलारा ने बताया कि अगले तीन वर्षों में देशभर में 30 नए स्टोर खोलने की योजना है। इसके तहत पहला स्टोर अक्टूबर-नवंबर 2026 में शुरू होने की उम्मीद है। कंपनी अब तक मुख्य रूप से भारतीय बाजार में सक्रिय रही है, लेकिन अब विदेशों में कारोबार विस्तार की दिशा में भी काम कर रही है।
प्रतीक गिलारा ने कहा कि बदलती उपभोक्ता पसंद को ध्यान में रखते हुए कंपनी Gen Z ग्राहकों के लिए विशेष जूलरी कलेक्शन विकसित करने पर विचार कर रही है। युवा ग्राहकों की पसंद, फैशन ट्रेंड और व्यक्तिगत अभिव्यक्ति को ध्यान में रखकर नए डिजाइन तैयार किए जाएंगे।

कंपनी का आईपीओ 23 जून से 25 जून 2026 तक खुला रहेगा। इसके लिए प्रति इक्विटी शेयर का प्राइस बैंड 130 से 138 रुपये तय किया गया है। न्यूनतम 100 शेयरों के लिए आवेदन किया जा सकेगा।
जयपुर में स्थापित अदित ज्वेल्स पारंपरिक और आधुनिक डिजाइन के मेल से आभूषण तैयार करती है। कंपनी कुंदन, पोल्की, डायमंड और स्टडेड जूलरी के लिए जानी जाती है। इसका प्रमुख ब्रांड ‘हम रामभजो’ है। कंपनी नेकलेस, ईयररिंग्स, रिंग्स, चूड़ियां और कस्टमाइज्ड जूलरी का निर्माण करती है तथा 14 कैरेट और 18 कैरेट सोने में डिजाइन विकसित करती है।
आईपीओ के तहत जारी होने वाले नए शेयरों से प्राप्त राशि का उपयोग कार्यशील पूंजी की जरूरतों, कर्ज भुगतान और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। कंपनी की जयपुर स्थित विनिर्माण इकाई में डिजाइनिंग से लेकर फिनिशिंग तक की पूरी प्रक्रिया एक ही छत के नीचे संचालित होती है।
प्रतीक गिलारा के अनुसार, बढ़ती मांग और नए बाजारों में अवसरों को देखते हुए कंपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने, खुदरा नेटवर्क मजबूत करने और अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रवेश की रणनीति पर काम कर रही है। उनका कहना है कि पारंपरिक भारतीय कारीगरी और आधुनिक डिजाइन के संयोजन के दम पर कंपनी देश और विदेश दोनों बाजारों में अपनी मजबूत पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
31 दिसंबर 2025 को समाप्त नौ माह की अवधि में कंपनी का परिचालन राजस्व 123.79 करोड़ रुपये और शुद्ध लाभ 25.44 करोड़ रुपये रहा। कंपनी को उम्मीद है कि आईपीओ के बाद विस्तार योजनाओं को गति मिलेगी और आने वाले वर्षों में उसका कारोबार नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा।
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