लखनऊ में होगा सागर मुनिराज का ऐतिहासिक चातुर्मास, जानें तिथि और जगह!

हजारों की संख्या में जैन समाज के श्रद्धालु, धर्मप्रेमी एवं गणमान्य नागरिक होंगे शामिल

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Lucknow: उपाध्याय श्री 108 विहसंत सागर मुनिराज (ससंघ) का वर्ष 2026 का ऐतिहासिक लखनऊ चातुर्मास होने जा रहा है। चातुर्मास की स्थापना 19 जुलाई को कानपुर रोड स्थित CMS के ऑडिटोरियम में भव्य स्तर पर आयोजित होगा। इस अवसर पर देश के कई राज्यों से हजारों की संख्या में जैन समाज के श्रद्धालु, धर्मप्रेमी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहेंगे। यह जानकारी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से दी गई है।

विशेष प्रेस वार्ता में दी गई जानकारी

मेडिटेशन गुरु, उपाध्याय श्री 108 विहसंत सागर मुनिराज (ससंघ) के सान्निध्य में एक विशेष प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर उपाध्याय श्री के आगामी लखनऊ चातुर्मास स्थापना महोत्सव एवं उनके आध्यात्मिक, धार्मिक तथा समाजोत्थानकारी कार्यों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
प्रेस वार्ता में उपाध्याय श्री के प्रेरणादायी जीवन एवं उपलब्धियों का भी उल्लेख किया गया।

अब तक इतने हुए इतने निर्माण और आयोजन

बताया गया कि उनके सान्निध्य में अब तक 80 जैन मंदिरों का जीर्णोद्धार, 54 पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव, 380 वेदी प्रतिष्ठाएँ, 95 शिखर निर्माण, 780 शिखर कलशारोहण, 47 नवीन जिन मंदिरों का निर्माण, 13 चौबीसी एवं मान-स्तंभ/कीर्ति-स्तंभ, 185 संत भवन, 59 श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान, 6 अस्पताल, 7 जैन विद्यालय तथा 3 भोजनशालाओं का संचालन हुआ है। विगत 26 वर्षों में उन्होंने लगभग 90,000 किलोमीटर का पदविहार कर धर्म प्रभावना की है।

देशभर में विशेष रूप से विख्यात

उपाध्याय श्री अपने कठोर संयम, त्याग, तप, ध्यान साधना एवं वचन-सिद्धि के लिए देशभर में विशेष रूप से विख्यात हैं। मंदिर जीर्णोद्धार के प्रत्येक संकल्प के साथ वे किसी एक वस्तु का त्याग करते हैं और कार्य पूर्ण होने पर उसका आजीवन परित्याग कर देते हैं। उन्होंने जीवनभर अनेक वस्तुओं एवं सभी प्रकार की औषधियों का भी त्याग किया है।

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