गुलज़ार देहलवी की जन्मशती पर लगा 154वां निःशुल्क यूनानी मेडिकल कैंप, सैकड़ों मरीजों को मिला इलाज और दवाइयां

बल्लीमारान में आयोजित शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने किया स्वास्थ्य परीक्षण, उर्दू भाषा और साहित्य में गुलज़ार देहलवी के योगदान को किया गया याद

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नई दिल्ली, 8 जुलाई।

पंडित आनंद मोहन ज़तशी गुलज़ार देहलवी की जन्मशती के अवसर पर ऑल इंडिया यूनानी तिब्बी कांग्रेस, दिल्ली और पंडित गुलज़ार देहलवी जन्मशती समारोह समिति के संयुक्त तत्वावधान में बल्लीमारान स्थित बारात घर, बारहदरी में 154वां निःशुल्क यूनानी मेडिकल कैंप आयोजित किया गया। शिविर में सैकड़ों मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और उन्हें मुफ्त यूनानी दवाइयां उपलब्ध कराई गईं।
कार्यक्रम का आयोजन हज़रत शेख अलीमुद्दीन असदी के संरक्षण में हुआ। उन्होंने पूरे आयोजन की व्यवस्थाओं की देखरेख करते हुए जनसेवा अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस अवसर पर वक्ताओं ने पंडित गुलज़ार देहलवी को उर्दू भाषा के महान शायर, साहित्यकार और विद्वान बताते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन उर्दू भाषा, उसकी तहजीब और साहित्यिक विरासत के संरक्षण के लिए समर्पित किया। सांप्रदायिक सौहार्द और राष्ट्रीय एकता को मजबूत बनाने में भी उनके योगदान को याद किया गया। समारोह में उनके जीवन और साहित्यिक सेवाओं पर आधारित एक संक्षिप्त पुस्तिका का भी विमोचन किया गया।
ऑल इंडिया यूनानी तिब्बी कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. सैयद अहमद खान ने कहा कि यूनानी चिकित्सा पद्धति केवल उपचार का माध्यम नहीं, बल्कि मानव सेवा का प्रभावी साधन है। उन्होंने कहा कि निःशुल्क चिकित्सा शिविरों के माध्यम से जरूरतमंद लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं और भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे।
शिविर में पूर्व उपनिदेशक (सीसीआरयूएम) डॉ. ज़कीउद्दीन, डॉ. नज्मुस्सहर, डॉ. फहीम मलिक, डॉ. महमूद आलम, डॉ. ग़ियासुद्दीन सिद्दीकी, डॉ. मुफ़्ती जावेद अनवर, डॉ. अतहर महमूद, इसरार अहमद उज्जैनी और हकीम मुर्तज़ा देहलवी सहित विशेषज्ञ चिकित्सकों ने मरीजों की जांच कर स्वास्थ्य संबंधी परामर्श दिया तथा आवश्यकतानुसार निःशुल्क यूनानी दवाइयों का वितरण किया।

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