DELHI में ब्रिटिश छात्र हेनरी नोवाक की स्मृति में अरदास

सिख समुदाय ने जताई संवेदना

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नई दिल्ली, 10 जून।
ब्रिटेन में पिछले वर्ष दिसंबर में हत्या के शिकार हुए 18 वर्षीय छात्र हेनरी नोवाक की स्मृति में बुधवार को पश्चिमी दिल्ली के सुभाष नगर स्थित गुरुद्वारा कलगीधर खालसा सेवक सभा में विशेष अरदास और श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। कार्यक्रम का आयोजन शिरोमणि अकाली दल (दिल्ली इकाई) के अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना की अगुवाई में किया गया।

सभा में संगत ने गुरु का कीर्तन और अरदास कर हेनरी नोवाक को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। आयोजकों के अनुसार, ब्रिटेन के बाहर हेनरी नोवाक की स्मृति में आयोजित यह पहला प्रमुख सिख धार्मिक कार्यक्रम है।

परमजीत सिंह सरना ने कहा कि सिख परंपरा मानवता, करुणा और दुख में सहभागी बनने की शिक्षा देती है। उन्होंने कहा कि हेनरी का भारत या सिख समुदाय से प्रत्यक्ष संबंध नहीं था, लेकिन किसी युवा की असामयिक मृत्यु पूरी मानवता की क्षति है। उन्होंने यह भी कहा कि ब्रिटिश न्यायालय दोषी को सजा सुना चुका है और न्यायिक प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।

सभा में किरपान को लेकर उठी बहस का भी उल्लेख किया गया। सरना ने कहा कि अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों से स्पष्ट है कि हत्या में प्रयुक्त हथियार पारंपरिक सिख किरपान नहीं था। उन्होंने कहा कि किरपान सिख धर्म का पवित्र प्रतीक है, जो न्याय, कमजोरों की रक्षा और मानव गरिमा की सुरक्षा का संदेश देता है।

यूनाइटेड सिख्स (यूके) के संचार एवं वकालत निदेशक हरमीत शाह सिंह ने हेनरी नोवाक की हत्या की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि किसी व्यक्ति के अपराध के आधार पर पूरे समुदाय या धर्म को निशाना बनाना उचित नहीं है। उन्होंने धार्मिक स्वतंत्रता और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम का समापन हेनरी नोवाक की आत्मा की शांति, उनके परिवार के साहस तथा सभी समुदायों के बीच सद्भाव और समझ बढ़ाने की प्रार्थना के साथ हुआ।

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