भारत में हेल्दी स्नैकिंग का नया ट्रेंड: 86% लोग प्रोटीन और 61% नैचुरल स्वीटनर्स वाले स्नैक्स को दे रहे प्राथमिकता

फार्मले की हेल्दी स्नैकिंग रिपोर्ट 2026 में खुलासा—60% अभिभावक बच्चों के लिए हेल्दी स्नैक्स पर ज्यादा खर्च को तैयार, महिलाएं न्यूट्रिशन सपोर्ट वाले स्नैक्स में दिखा रहीं रुचि।

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नई दिल्ली

भारत में हेल्दी स्नैकिंग को लेकर उपभोक्ताओं की सोच तेजी से बदल रही है। अब लोग सिर्फ स्वाद नहीं, बल्कि पोषण, प्राकृतिक सामग्री और पारदर्शिता को भी प्राथमिकता दे रहे हैं। फार्मले की ‘हेल्दी स्नैकिंग रिपोर्ट 2026’ के अनुसार, 86 फीसदी भारतीय स्नैक्स खरीदते समय प्रोटीन को सबसे महत्वपूर्ण मानते हैं, जबकि 61 फीसदी लोग रिफाइंड चीनी की जगह खजूर और गुड़ जैसे नैचुरल स्वीटनर्स से बने स्नैक्स पसंद करते हैं।
नई दिल्ली में आयोजित इंडिया हेल्दी स्नैकिंग समिट (IHSS) के दौरान जारी इस रिपोर्ट के लिए देशभर के 6,000 से अधिक लोगों की राय ली गई। भारत मंडपम में जारी की गई रिपोर्ट के दौरान केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान भी मौजूद रहे।

रिपोर्ट के मुताबिक, 32 फीसदी उपभोक्ता अधिक प्रोटीन वाले स्नैक्स के लिए अतिरिक्त कीमत चुकाने को तैयार हैं, जबकि लगभग 60 फीसदी अभिभावक अपने बच्चों के लिए पौष्टिक स्नैक्स खरीदने में अधिक खर्च करने से पीछे नहीं हटेंगे।
रिपोर्ट में महिलाओं की बदलती जरूरतों का भी उल्लेख किया गया है। आधी से अधिक महिलाओं ने पीरियड्स के दौरान पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने वाले फंक्शनल स्नैक्स में रुचि दिखाई, जिससे इस श्रेणी के उत्पादों की बढ़ती मांग का संकेत मिलता है।
उपभोक्ता अब ब्रांड चुनते समय सामग्री की पारदर्शिता को भी महत्व दे रहे हैं। 62 फीसदी लोगों ने कहा कि वे स्नैक्स खरीदने से पहले उसकी सामग्री (इन्ग्रीडिएंट्स) पढ़ते हैं, और उनके लिए यह किसी सेलिब्रिटी या इन्फ्लुएंसर की सिफारिश से अधिक महत्वपूर्ण है।
रिपोर्ट में खरीदारी के बदलते तरीकों की भी झलक मिली। 31 फीसदी उपभोक्ता ब्लिंकिट, 16 फीसदी ज़ेप्टो और 15 फीसदी इंस्टामार्ट से स्नैक्स खरीदना पसंद करते हैं, जबकि 35 फीसदी लोग अब भी स्टोर में जाकर देखकर उत्पाद खरीदना पसंद करते हैं। वहीं, 30 फीसदी उपभोक्ताओं ने रीसीलेबल पैकेजिंग और 25 फीसदी ने इको-फ्रेंडली पैकेजिंग को अपनी पसंद बताया।
फार्मले के सह-संस्थापक आकाश शर्मा ने कहा कि भारत में स्नैकिंग का भविष्य उन उपभोक्ताओं से तय होगा जो स्वाद के साथ पोषण, पारदर्शिता और सुविधा को भी बराबर महत्व देते हैं। उन्होंने कहा कि बदलती उपभोक्ता पसंद उद्योग को ऐसे उत्पाद विकसित करने के लिए प्रेरित कर रही है, जो स्वास्थ्य और स्वाद के बीच संतुलन बनाए रखें।
रिपोर्ट से स्पष्ट है कि भारतीय स्नैकिंग बाजार तेजी से ऐसे दौर में प्रवेश कर रहा है, जहां उपभोक्ताओं की पहली पसंद वही ब्रांड होंगे जो बेहतर पोषण, गुणवत्तापूर्ण सामग्री और भरोसेमंद जानकारी के साथ स्वादिष्ट विकल्प उपलब्ध कराएंगे।

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