NHM कर्मियों की लम्बित समस्याओं के समाधान के लिए ‘संयुक्त संघर्ष समिति’ का गठन

लखनऊ के ईको गार्डन में एकजुट हुए कर्मचारी संगठन

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Lucknow: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM), उत्तर प्रदेश के अंतर्गत विभिन्न संवर्गों में लम्बे समय से कर्मचारी स्वास्थ्य सेवाओं में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें उचित वेतन, नियमितीकरण, सेवा सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

‘संयुक्त संघर्ष समिति’ का गठन

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NHM कर्मियों की लंबित समस्याओं के समाधान के लिए विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने एकजुट होकर “संयुक्त संघर्ष समिति, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तर प्रदेश” का गठन किया है।

ईको गार्डन में दिखाई एकजुटता

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समिति के आह्वान पर गुरुवार को लखनऊ स्थित ईको गार्डन में विभिन्न संवर्गों के NHM कर्मचारी, पदाधिकारी और प्रतिनिधि बड़ी संख्या में शामिल रहे। उन्होंने एकजुटता दिखाते हुए शासन से मांगों पर तत्काल सकारात्मक निर्णय की मांग की।

संयुक्त संघर्ष समिति की प्रमुख मांगें:-

1. पारदर्शी वेतन नीति: समान कार्य-समान वेतन के सिद्धांत पर न्यूनतम ₹18,000 प्रतिमाह वेतन निर्धारित हो। अनुभव और वरिष्ठता के आधार पर नियमित वेतन वृद्धि की नीति लागू हो।

2. नियमितीकरण: काफी लंबे समय से तैनात कर्मचारियों को राज्य आधारित स्वास्थ्य व्यवस्था में समाहित कर नियमित किया जाए।

3. रिक्त पद और स्थानांतरण नीति: NHM में रिक्त पद शीघ्र भरे जाएं और पारदर्शी स्थानांतरण नीति लागू हो।

4. सामाजिक सुरक्षा: सभी कर्मचारियों को EPF, ESI, ग्रेच्युटी और स्वास्थ्य बीमा का लाभ सुनिश्चित हो।

5. आउटसोर्स कर्मचारियों का समायोजन: आउटसोर्स कर्मियों को सेवा सुरक्षा के साथ समायोजन या आउटसोर्स सेवा निगम में नियोजन का लाभ दिया जाए।

प्रतिनिधियों की सहभागिता: डॉ. अनिल गुप्ता (प्रदेश अध्यक्ष, संयुक्त NHM संघ), योगेश कुमार उपाध्याय, डॉ. आशुतोष उपाध्याय, हिमालय कुमार (CHO संघ), हरिओम सिंह (नर्सिंग), सुनेना अरोड़ा (TBSEWA), प्रेमलता पाण्डेय (ANM संघ), डॉ. हरजीत सिंह (डेंटल सर्जन) सहित विभिन्न संवर्गों के सैकड़ों प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

शासन से आग्रह

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समिति ने कहा कि ये मांगें किसी एक संवर्ग की नहीं, बल्कि प्रदेश के हजारों NHM कार्मिकों के सम्मान और आर्थिक स्थायित्व से जुड़ी हैं। शासन से शीघ्र निर्णय का आग्रह किया गया।

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