यूपी में नर्सों का दो घंटे कार्य बहिष्कार जारी, अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
राजकीय नर्सेस संघ उत्तर प्रदेश के नेतृत्व में आंदोलन लगातार जारी
Lucknow: उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों के अस्पतालों एवं राजकीय मेडिकल कॉलेजों में शुक्रवार को भी नर्सिंग संवर्ग के कर्मचारियों ने सुबह दो घंटे कार्य बहिष्कार किया। लंबित मांगों को लेकर राजकीय नर्सेस संघ उत्तर प्रदेश के नेतृत्व में आंदोलन लगातार जारी है।
अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की भी दी चेतावनी

दूसरी ओर संघ के प्रदेश महामंत्री अशोक कुमार ने शासन के उदासीन रवैये को देखते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की भी चेतावनी दी है। संघ की ओर से स्पष्ट किया गया है कि जब तक उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक एवं अपर मुख्य सचिव अमित घोष के साथ वार्ता में बनी सहमति वाले बिंदुओं पर शासनादेश जारी नहीं होता, तब तक रोजाना दो घंटे का कार्य बहिष्कार जारी रहेगा।
और बड़े स्तर पर होगा आन्दोलन

संघ ने चेतावनी दी है कि यदि सहमति के बावजूद शासनादेश जारी करने में विलंब किया जाता है तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा भी की जा सकती है, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
संघ की प्रमुख 8 मांगें –

1. गृह जनपद में तैनाती एवं स्थानांतरण की व्यवस्था लागू की जाए।
2. निदेशालय से चिकित्सालय स्तर तक नर्सिंग संवर्ग के सभी रिक्त पदों पर समयबद्ध पदोन्नति सुनिश्चित की जाए।
3. चिकित्सालयों में कार्यरत कर्मचारियों के बच्चों के लिए पालनाघर (क्रेच) की व्यवस्था की जाए।
4. उच्च शिक्षा हेतु बीएससी नर्सिंग की भांति नर्सिंग संवर्ग को भी सवेतन अवकाश दिया जाए।
5. उच्चीकृत जिला चिकित्सालयों को मेडिकल कॉलेज में बदले जाने पर वहां कार्यरत नर्सिंग संवर्ग को उसी संस्थान में समायोजित किया जाए या पदों सहित पूर्व व्यवस्था में वापस किया जाए।
6. उच्च संस्थानों में देय व्यवस्था के अनुरूप नर्सिंग संवर्ग को समान एवं उचित भत्ते दिए जाएं।
7. चिकित्सा शिक्षा विभाग में नर्सिंग संवर्ग के रिक्त उच्च पदों, जिनमें नर्सिंग प्रशासन के वरिष्ठ पद भी शामिल हैं, पर तत्काल पदोन्नति प्रक्रिया पूरी की जाए।
8. पात्र कार्मिकों को एसीपी का लाभ समयबद्ध तरीके से दिया जाए, किसी भी पात्र नर्सिंग अधिकारी को लाभ से वंचित न रखा जाए।
सहमति का सम्मान करते हुए तत्काल शासनादेश जारी करने की मांग

राजकीय नर्सेस संघ ने शासन से मांग की है कि सहमति का सम्मान करते हुए तत्काल शासनादेश जारी किया जाए। संघ के प्रदेश महामंत्री अशोक कुमार ने कहा, जब तक मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।
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