इंटर्न के भरोसे चल रहा बलरामपुर अस्पताल, दवा काउंटरों से नियमित फार्मासिस्ट गायब

मरीजों की सेहत को लेकर बढ़ी चिंता

61

Lucknow: बलरामपुर अस्पताल इंटर्न फार्मासिस्टों के भरोसे चल रहा है। अस्पताल में ओपीडी संचालन के दौरान जिम्मेदार नियमित फार्मासिस्ट ड्यूटी से नदारद रहते हैं। डॉक्टरों द्वारा मरीजों की लिखी दवाओं को मुहैया कराने का जिम्मा काउंटरों पर बैठे इंटर्न फार्मासिस्टों पर ही रहता है।

क्या पर्चे पर लिखी ही दवा मरीज को मिली

Lucknow
Lucknow

ऐसे में मरीजों की सेहत को लेकर चिंता बढ़ गई है। सवाल यही उठ रहा है कि क्या पर्चे पर लिखी ही दवा मरीज को मिली है या इंटर्न ने जल्दबाजी में किसी और दवा को उठाकर उन्हें थमा दिया है। इस गलती का खामियाजा गंभीर मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।

तीन दवा काउंटरों पर ही बैठे मिले नियमित फार्मासिस्ट

Lucknow
Lucknow

बता दें, कि अस्पताल परिसर की ओपीडी में 8 दवा काउंटर हैं। शनिवार को ओपीडी के दौरान इनमें से तीन पर ही नियमित फार्मासिस्ट बैठे हुए मिले, जबकि पांच दवा काउंटर खाली पड़े थे।
कैसरबाग से अपने 12 साल के बच्चे को लेकर इलाज के लिए पहुंची सुशीला ने बताया कि मुझे डॉक्टर ने जो दवाएं लिखीं थीं वो नहीं मिली। इसी तरह की शिकायत बाजार खाला के अनुपम, त्रिवेणी नगर के सतेन्द्र ने भी की।

डॉक्टर के पर्चे पर दवा देते हैं इंटर्न

Lucknow
Lucknow

अस्पताल में सुबह 8 से दो बजे दोपहर तक ओपीडी का संचालन होता है। इस दौरान डॉक्टर मरीजों के रोग से सम्बंधित उनके पर्चे पर दवाएं लिखते हैं। मरीज सीधे अस्पताल परिसर में बने दवा काउंटर पर पहुंचता है। भारी भीड़ के बावजूद जिम्मेदार नियमित फार्मासिस्ट अपने काउंटर पर नहीं दिखते हैं। ऐसे में 2 या 3 इंटर्न फार्मासिस्ट पर्चे पर लिखी दवाएं मरीज को देते हैं।

इंटर्न मरीजों को लेकर कितना गम्भीर?

Lucknow
Lucknow

सवाल यह है कि जो इंटर्न दवाओं की जानकारी लेने पहुंचा है वो मरीजों को दी जाने वाली दवाओं के बारे में कितना गम्भीर होता होगा। इस बारे में बलरामपुर अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हिमांशु चर्तुवेदी का कहना है कि दवा काउंटर पर नियमित फार्मासिस्ट को ही बैठना चाहिए। इस पर ध्यान दिया जाएगा।

 

 

Comments are closed.