हाईकोर्ट ने बाराबंकी में किशोरी को भगाने के मामले का लिया संज्ञान, SP से मांगा व्यक्तिगत हलफनामा
हलफनामा नहीं देने पर SP को खुद कोर्ट में होना होगा पेश
Lucknow/Barabanki: लखनऊ हाईकोर्ट ने बाराबंकी में नाबालिग किशोरी को बहला- फुसलाकर भगाने के मामला का संज्ञान लिया है। प्रकरण में कोर्ट ने बाराबंकी के पुलिस अधीक्षक (SP) से निजी हलफनामा मांगा है। हलफनामा नहीं देने पर SP को खुद कोर्ट में पेश होना पड़ेगा।
गांव के ही युवक पर किशोरी को बहला- फुसलाकर भगाने का आरोप
मामला बाराबंकी जिले के सतरीख थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। एक युवक अपने ही गांव की 14 साल की नाबालिग किशोरी को बहला- फुसलाकर उसे अपने साथ भगा ले गया। 19 अगस्त की रात करीब 12.30 बजे अचानक बेटी को गायब देख परिजनों के होश उड़ गए। मौके पर उसे ढूंढते हुए परिजन युवक के घर पहुंच गए। यह देख युवक की मां और बहन भड़क उठी।
बहन बोली- मेरा भाई तुम्हारी बेटी से शादी करेगा, कोई कुछ नहीं करेगा
उन्होंने किशोरी के परिजनों से कहा कि ‘मेरा बेटा और तुम्हारी बेटी घर पर नहीं हैं।’ बहन ने कहा कि ‘मेरा भाई तुम्हारी बेटी से शादी करेगा। कोई कुछ नहीं करेगा।’ इसी बात से परिजनों का शक यकीन में बदल गया। उन्हें पता चल गया कि इसी युवक हमारी बेटी को लेकर फरार हुआ है। अगले दिन 20 अगस्त को पीड़ित परिजनों ने थाना सतरीख में युवक के खिलाफ नाबालिग बेटी को भगाने का मुकदमा दर्ज तो कराया लेकिन, पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
पुलिस ने नहीं की कोई कार्रवाई, SP को भेजा गया शिकायती पत्र
वहीं, पुलिस की उदासीन रवैये से परेशान पीड़ित परिजनों ने 24 अगस्त को बाराबंकी के SP को भी रजिस्टर्ड पोस्ट के माध्यम से शिकायती पत्र भेजा। जिसमें कहा कि ‘चार दिन बाद भी हमारी बेटी नहीं मिली, पुलिस क्या कर रही है?’ जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो परिजनों ने सीधे लखनऊ हाईकोर्ट की तरफ रुख किया। आठ सितंबर को कोर्ट में याचिका दाखिल किया गया।
कोर्ट ने SP से 28 सितंबर तक निजी हलफनामा के माध्यम से मांगा जवाब
कोर्ट ने पूछा कि ’20 दिन से एक नाबालिग किशोरी गायब है। आखिर बाराबंकी पुलिस क्या कर रही है?’ कोर्ट ने इस प्रकरण में बाराबंकी के पुलिस अधीक्षक से 28 सितंबर तक निजी हलफनामा के माध्यम से जवाब मांगा है। कोर्ट ने यह भी चेतावनी दी कि जवाब नहीं मिला तो SP को हाज़िर होना पड़ेगा। आनन-फानन में पुलिस ने आरोपी युवक के घर पर नोटिस चस्पा किया।
आरोपी को छोड़ा, किशोरी अभी भी पुलिस कस्टडी में
इसी बीच, उसी दिन देरशाम पुलिस ने किशोरी और युवक दोनों को पकड़ने का दावा किया। अहम बात यह है कि पुलिस ने आरोपी युवक को तो छोड़ दिया, जबकि किशोरी अभी तक कस्टडी में ही है। अभी तक पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। इससे परिजनों को किसी अनहोनी का डर सता रहा है। वो डरे- सहमे हुए हैं।
पुलिस ने समय पर की होती कार्रवाई तो बेटी के साथ नहीं होती ऐसी घटना
पीड़ित पिता के मुताबिक, 26 जुलाई को मुझे पता चला था कि मेरी बेटी गांव के ही एक युवक से मोबाइल पर बात करती है। इस पर मैंने अपनी बेटी को डांट-फटकार लगाई और उसकी तलाशी ली तो सच सामने आ गया। उस युवक का मोबाइल फ़ोन मेरी बेटी के पास मिला। मौके पर सिम को तोड़कर मोबाइल अपने कब्जे में ले लिया। एक दिन बाद 28 जुलाई को सुबह 9 बजे खेत पर जाते समय रास्ते में वह युवक मिल गया।
किशोरी के पिता बोले- क्यों जिंदगी बर्बाद कर रहे हो, सुधर जाओ
मैंने कहा- ‘क्यों जिंदगी बर्बाद कर रहे हो, सुधर जाओ।’ बस इसी बात से भड़के युवक ने मेरे ऊपर हमला कर दिया। उसने मेरी नाक पर मुक्का मारा और मौके से भाग निकला। उसी दिन ही मैंने थाना सतरीख में युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए तहरीर दी थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अगर, उसी दिन मुकदमा लिखकर पुलिस कार्रवाई करती तो आज मेरी बेटी के साथ इस तरह की घटना नहीं होती।
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