रामकृष्ण मठ में ‘फेस्टिवल ऑफ स्माइल्स’ का आयोजन, क्लैफ्ट उपचार करा चुके बच्चों ने मनाई दीपावली
अमेरिका से आए अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल के सम्मान में हुआ यह कार्यक्रम
Lucknow: स्माइल ट्रेन इंडिया द्वारा शुक्रवार को निराला नगर स्थित रामकृष्ण मठ में ‘फेस्टिवल ऑफ स्माइल्स– जर्नी ऑफ स्माइल्स’ का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम अमेरिका से आए अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल के सम्मान में आयोजित किया गया था।
इलाज करा चुके बच्चों और उनके परिवारों ने लिया हिस्सा

दीपावली के उल्लास को समर्पित इस कार्यक्रम में कटे होंठ एवं तालू (क्लैफ्ट लिप एवं पैलेट) का उपचार करा चुके बच्चों और उनके परिवारों ने भाग लिया। कार्यक्रम में रामकृष्ण मिशन के अंतर्गत संचालित विवेकानन्द पॉलीक्लीनिक, किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU), सुश्रुत इंस्टीट्यूट ऑफ प्लास्टिक सर्जरी (एसआईपीएस) और हेल्थसिटी सहित कई सहयोगी संस्थानों ने सहभागिता की।
करुणा और निःस्वार्थ सेवा ही रामकृष्ण मिशन का मूल

विवेकानन्द पॉलीक्लीनिक एवं आयुर्विज्ञान संस्थान के सचिव स्वामी मुक्तिनाथानन्द जी ने कहा कि करुणा और निःस्वार्थ सेवा ही रामकृष्ण मिशन का मूल है। उन्होंने कटे होंठ एवं तालू का निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराने के लिए स्माइल ट्रेन और सहयोगी अस्पतालों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ये प्रयास स्वामी विवेकानंद और रामकृष्ण मिशन के आदर्शों के अनुरूप हैं।
पारंपरिक स्वागत से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक स्वागत से हुआ। बच्चों ने रंगोली बनाई, दीये सजाए और मनोरंजक खेलों में भाग लिया। इसके बाद पूजा एवं आरती और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां हुईं।
निःशुल्क क्लैफ्ट उपचार की पहुंच बढ़ाने पर जोर

विवेकानंद पॉलीक्लिनिक में स्माइल ट्रेन के प्रोजेक्ट डायरेक्टर डॉ. अमित अग्रवाल ने अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल, स्माइल ट्रेन इंडिया की टीम और सभी सहयोगी अस्पतालों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने निःशुल्क क्लैफ्ट उपचार की पहुंच बढ़ाने पर जोर दिया। इस दौरान विवेकानंद पॉलीक्लिनिक के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. एस.डी. पांडेय और डॉ. ऋचा श्रीवास्तव भी मौजूद रहे।
एनएबीएच और एनएबीएल मान्यता प्राप्त

बता दें कि विवेकानन्द पॉलीक्लीनिक 500 बेड वाला मल्टी स्पेशियलिटी चैरिटेबल अस्पताल है, जिसे एनएबीएच और एनएबीएल मान्यता प्राप्त है। यहां स्माइल ट्रेन के सहयोग से पात्र मरीजों को कटे होंठ एवं तालू का उपचार पूर्णतः निःशुल्क दिया जाता है।
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