ISKCON मंदिर में जन्माष्टमी के लिए जाने क्या हुई हैं तैयारियां

300 सीसीटीवी और 1700 सुरक्षाकर्मी संभालेंगे व्यवस्था

110

नई दिल्ली।

ईस्ट ऑफ कैलाश स्थित इस्कॉन मंदिर में 4 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्साह और उमंग के साथ मनाई जाएगी। इस वर्ष मंदिर की सजावट और श्रृंगार की मुख्य थीम भगवान कृष्ण का प्रिय मोर (मयूर) रखा गया है। वृंदावन से विशेष रूप से वस्त्र और आभूषण तैयार कराए गए हैं। मंदिर परिसर को थाईलैंड और बेंगलुरु से मंगाए गए फूलों से सजाया जाएगा। इसके अलावा भगवान कृष्ण की लीलाओं पर आधारित झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहेंगी।
इस्कॉन के राष्ट्रीय संपर्क निदेशक व्रजेन्द्र नंदन दास ने बताया कि जन्माष्टमी के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। दिल्ली पुलिस के 500 जवानों के साथ 1200 निजी सुरक्षा गार्ड तैनात रहेंगे। परिसर में 300 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। चार दमकल वाहन और आठ एंबुलेंस भी तैनात रहेंगी। चिकित्सकों की टीम भी पूरे समय मौजूद रहेगी।


सुबह 4:30 बजे खुलेंगे पट, रात 12:30 बजे होगी महाआरती
भगवान श्री राधा पार्थसारथी के दर्शन के लिए मंदिर के पट सुबह 4:30 बजे खोल दिए जाएंगे। श्रद्धालुओं की कतार सुबह 3 बजे से ही लगने की उम्मीद है। सुबह 7:30 बजे श्रृंगार दर्शन होगा और रात 1 बजे तक दर्शन जारी रहेंगे। रात 9:30 बजे से महाभिषेक शुरू होगा। मध्यरात्रि 12 बजे भगवान को 1008 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया जाएगा और रात 12:30 बजे महाआरती होगी। इसके बाद रात 1 बजे मंदिर के पट बंद कर दिए जाएंगे।
आम श्रद्धालुओं के प्रवेश की व्यवस्था द्वार संख्या 1 से की गई है। दानदाताओं और अति विशिष्ट व्यक्तियों के लिए द्वार संख्या 7, जबकि शुभचिंतकों और विशेष श्रद्धालुओं के लिए द्वार संख्या 6 से प्रवेश की व्यवस्था रहेगी। विशेष आमंत्रित भक्तों के लिए द्वार संख्या 5 निर्धारित किया गया है। इन प्रवेश द्वारों से आने वाले श्रद्धालुओं को अपना निमंत्रण पत्र साथ लाना होगा। दर्शन के बाद सभी भक्तों को प्रसाद दिया जाएगा।
जन्माष्टमी समारोह में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और लोकसभा सांसद बांसुरी स्वराज सहित कई गणमान्य लोगों को आमंत्रित किया गया है।
इस्कॉन के संस्थापक आचार्य श्रील प्रभुपाद की प्रेरणा से जन्माष्टमी उत्सव दुनिया भर में मनाया जाएगा। इस वर्ष इस्कॉन अपने 60वें स्थापना समारोह का भी आयोजन कर रहा है।

Comments are closed.