UP में नर्सेस संघ 7 नवंबर को मनाएगा काला दिवस, 26 दिन से जारी है 2 घंटे कार्य बहिष्कार
एक साल से अधिक बीतने के बाद भी जारी नहीं हुए आदेश
Lucknow: राजकीय नर्सेस संघ उत्तर प्रदेश ने शासन की सहमति वाली 5 मांगों पर शासनादेश जारी न होने के विरोध में इसी 7 नवंबर को पूरे प्रदेश में काला दिवस मनाने का ऐलान किया है। वहीं मंगलवार को 26वें दिन भी 2 घंटे का कार्य बहिष्कार जारी रहा।
13 में से 5 प्रमुख मांगों पर बनी थी सहमति

संघ के महामंत्री अशोक कुमार ने बताया कि इसी साल 26 सितम्बर को शासन स्तर पर 13 सूत्रीय मांगों पर वार्ता हुई थी, जिसमें 5 प्रमुख मांगों पर सहमति बनी थी। एक साल से अधिक बीतने के बाद भी आदेश जारी नहीं हुए हैं।
महानिदेशक ने कार्रवाई का दिया आश्वासन लेकिन नहीं आया ठोस आदेश
संघ 9 अक्टूबर से चरणबद्ध आंदोलन पर है। 21 अक्टूबर को 2 घंटे कार्य बहिष्कार और 22 अक्टूबर को स्वास्थ्य भवन, लखनऊ में धरना-प्रदर्शन किया गया था। महानिदेशक ने शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया था लेकिन ठोस आदेश नहीं आया।
प्रमुख 5 मांगें जिन पर सहमति बनी थी-
1. नर्सिंग संवर्ग को गृह जनपद में तैनाती/स्थानांतरण की सुविधा,
2. निदेशालय से चिकित्सालय स्तर तक उच्च पदों पर पदोन्नति,
3. अस्पतालों में क्रेच (पालनाघर) की व्यवस्था
4. उच्च शिक्षा हेतु सवैतनिक अध्ययन अवकाश,
5. जिला अस्पतालों के मेडिकल कॉलेज में बदलने पर नर्सिंग संवर्ग के हितों का संरक्षण।
शासन की सहमति पत्रों की प्रतियां जलाकर दर्ज कराएंगे विरोध

अशोक कुमार ने बताया कि 7 नवंबर को सभी जनपदों के अस्पतालों और राजकीय मेडिकल कॉलेजों में काला दिवस पर शासन की सहमति पत्रों की प्रतियां जलाकर विरोध किया जाएगा। साथ ही 2 घंटे का कार्य बहिष्कार जारी रहेगा।
और बड़ा होगा आंदोलन
संघ ने उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक से मांगों पर तत्काल शासनादेश जारी करने की मांग की है, नहीं तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
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