ईको गार्डन में दूसरे दिन भी गरजे NHM कर्मचारी, समान कार्य-समान वेतन आदि की मांग
प्रदेश भर से आए विभिन्न संवर्गों के कर्मचारियों ने दिखाई एकजुटता
Lucknow: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के हजारों कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले दूसरे दिन शुक्रवार को भी ईको गार्डन में भारी भीड़ जुटी। प्रदेश भर से आए विभिन्न संवर्गों के कर्मचारियों ने एकजुटता दिखाते हुए शासन से जल्द ठोस निर्णय लेने की मांग की।
कर्मचारियों में भारी असंतोष

समिति का कहना है कि NHM कर्मी वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं और राष्ट्रीय कार्यक्रमों की रीढ़ हैं, लेकिन उन्हें उचित वेतन, सेवा सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा नहीं मिल रही, जिससे कर्मचारियों में भारी असंतोष है।
संघर्ष समिति की 5 प्रमुख मांगें

1. पारदर्शी वेतन नीति – समान कार्य-समान वेतन पर ग्रेड पे के अनुरूप प्रतिमाह वेतन, तथा अनुभव के आधार पर वेतन वृद्धि।
2. नियमितीकरण – लंबे समय से कार्यरत एनएचएम कर्मियों को राज्य स्वास्थ्य व्यवस्था में समाहित कर नियमित किया जाए। 2011 और 2018 में भारत सरकार के सीएचओ को 6 साल बाद नियमित करने के निर्देशों को यूपी में भी लागू किया जाए।
3. ट्रांसफर नीति – स्थानांतरण नीति में संशोधन किया जाए।
4. सामाजिक सुरक्षा – सभी कर्मियों को ईपीएफ, ईएसआई, ग्रेच्युटी और स्वास्थ्य बीमा दिया जाए।
5. आउटसोर्स कर्मियों को सुरक्षा – आउटसोर्स कर्मियों को डीएचएस या प्रस्तावित आउटसोर्स सेवा निगम में समायोजित कर सभी लाभ दिए जाएं।
धरने में कई संवर्गों ने दिखाई ताकत

धरने में संयुक्त एनएचएम संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अनिल गुप्ता, महामंत्री योगेश उपाध्याय, RBSK के डॉ. आशुतोष उपाध्याय, BPCM महामंत्री सुरेंद्र पाल, नर्सिंग के हरिओम सिंह, ANM संघ से प्रेमलता पाण्डेय, काउंसलर ज्योतिर्मि राय, विजय बाजपेई, कमलेश कश्यप समेत चिकित्सक, आयुष, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, ऑप्टोमेट्रिस्ट, बीपीसीएम, टीबी, डेंटल सर्जन सहित सभी संवर्गों के प्रतिनिधि शामिल रहे।
जारी रहेगा संघर्ष

समिति ने कहा कि ये मांगें किसी एक संवर्ग की नहीं, बल्कि हजारों NHM कर्मियों के सम्मान और भविष्य से जुड़ी हैं। जब तक समाधान नहीं होगा, एकता और संघर्ष जारी रहेगा।
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