स्वामी विवेकानंद एवं सुभाष चंद्र बोस के जीवन से प्रेरणा प्राप्त कर ही बनेगा समर्थ और सशक्त भारत: डॉ. सूर्यकान्त

शहीद पथ के बिरला ओपन माइंड इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित संभाषण प्रतियोगिता

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Lucknow: KGMU (King George’s Medical University) के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. सूर्यकान्त ने कहा है कि आज के भारत को स्वामी विवेकानंद के विचारों और नेताजी सुभाष चंद्र बोस के अटूट संकल्प—दोनों से ही दिशा और शक्ति प्राप्त होती है। इसी कारण स्वामी विवेकानंद जी के जन्मदिवस 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस तथा सुभाष चंद्र बोस के जन्म दिवस 23 जनवरी को शौर्य दिवस के रूप में मनाया जाता है।

“भावी भारत के निर्माण में स्वामी विवेकानंद जी एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस की भूमिका”

Lucknow
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डॉ. सूर्यकांत शुक्रवार को शहीद पथ स्थित बिरला ओपन माइंड इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित संभाषण प्रतियोगिता के बाद सम्बोधित कर रहे थे। सांस्कृतिक गौरव संस्थान (अवध प्रांत), लखनऊ द्वारा आयोजित “भावी भारत के निर्माण में स्वामी विवेकानंद जी एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस की भूमिका” विषय पर संभाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई थी।

युवा शक्ति राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी

अपने प्रेरक संबोधन में डॉ. सूर्यकान्त ने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी ने भारत के युवाओं में आत्मविश्वास, चरित्र निर्माण एवं राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना का संचार किया और युवा शक्ति को राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी बताया। उन्होंने स्वामी जी द्वारा 11 सितंबर 1893 को शिकागो में आयोजित विश्व धर्म सम्मेलन में दिए गए ऐतिहासिक भाषण का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के प्रत्येक विद्यालय में इस भाषण के विषय में अवश्य पढ़ाया जाना चाहिए।

अविभाज्य भारत के प्रथम प्रधानमंत्री थे नेताजी

डॉ. सूर्यकान्त ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नेताजी अविभाज्य भारत के प्रथम प्रधानमंत्री थे, जिन्हें विश्व के नौ देशों द्वारा मान्यता प्राप्त थी। उनकी अस्थायी सरकार का अपना राष्ट्रीय ध्वज था तथा स्वतंत्र भारत की मुद्रा भी उस समय प्रचलन में थी, जो उनके सशक्त नेतृत्व और अंतरराष्ट्रीय प्रभाव का प्रमाण है।

प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थी पुरस्कृत

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके उपरांत संभाषण प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने वाले विद्यार्थियों ने स्वामी विवेकानंद जी एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस के विचारों, आदर्शों तथा राष्ट्र-निर्माण में उनके अतुलनीय योगदान को अत्यंत प्रभावशाली एवं आत्मविश्वासपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया।प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया तथा प्रतिभाग करने वाले अन्य 20 विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति, सांस्कृतिक चेतना, आत्मगौरव एवं नेतृत्व क्षमता का विकास करना रहा, जिसमें यह आयोजन पूर्णतः सफल सिद्ध हुआ।

कार्यक्रम में इनकी रही मौजूदगी

इस कार्यक्रम में सांस्कृतिक गौरव संस्थान के हरिशरण मिश्रा (प्रांतीय उपाध्यक्ष), कृष्ण कुमार मिश्रा (प्रांतीय सचिव), प्रमेंद्र शुक्ला (खंड शिक्षा अधिकारी, जोन-3, लखनऊ), सी.डी. पांडेय (विद्यालय निदेशक), सुनील कपूर, शशी मिश्रा (प्रोफेसर, लखनऊ विश्वविद्यालय), उमेश पाटिल (प्रदेश अध्यक्ष, यूपी मराठी समाज), शशिकांत शुक्ला एवं रवीन्द्र कुमार की गरिमामयी उपस्थिति रही।

प्रधानाचार्या, शिक्षक एवं सभी स्टाफ का योगदान सराहनीय

कार्यक्रम की सफलता में बिरला ओपन माइंड इंटरनेशनल स्कूल की प्रधानाचार्या उजमा, शिक्षक एवं सभी स्टाफ का सराहनीय योगदान रहा। सुव्यवस्थित मंच, अनुशासित वातावरण एवं विद्यार्थियों को प्रेरक मंच प्रदान कर विद्यालय प्रबंधन ने इस आयोजन को सफल एवं गरिमामय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अंत में सांस्कृतिक गौरव संस्थान, अवध प्रांत की ओर से विद्यालय परिवार के प्रति हृदय से आभार भी जताया गया।

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