PM किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त का सीधा प्रसारण

09 करोड़ से अधिक किसानों को मिला लाभ

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नई दिल्ली, 19 नवंबर 
पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 21वीं किस्त हस्तांतरण कार्यक्रम का सीधा प्रसारण आज तमिलनाडु के कोयंबटूर से किया गया। प्रधानमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से देशभर के किसानों को संबोधित करते हुए 18,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे 09 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में हस्तांतरित की।

इसी क्रम में कृषि विज्ञान केंद्र, उजवा, दिल्ली में भी कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में सम्यंक जैन, एसडीएम नजफगढ़ और विशिष्ट अतिथि देविंदर डबास, डिप्टी चेयरमैन, नगर निगम नजफगढ़ मौजूद रहे। कार्यक्रम में संयुक्त निदेशक कृषि, एनसीटी दिल्ली सरकार से डॉ. उबेद अहमद खान भी शामिल हुए।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि कृषि निर्यात पिछले 11 वर्षों में दोगुना हुआ है और कृषि, मत्स्य एवं पशुपालन क्षेत्रों में किसानों को 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक की सहायता विभिन्न क्रेडिट कार्ड योजनाओं के माध्यम से दी गई है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की घटती उर्वरता पर चिंता जताई और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने यह भी बताया कि इंजीनियरिंग, नासा और पीएचडी धारक युवा अब प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में आगे आ रहे हैं, जो कृषि के भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत है।

प्रधानमंत्री ने भूमिहीन और छोटे किसानों की आय बढ़ाने के लिए पशुपालन को सशक्त विकल्प बताते हुए बीज से बाजार तक किसानों के साथ खड़े रहने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने सिंचाई योजनाएं, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, डिजिटल कृषि और फसल बीमा जैसी केंद्रीय योजनाओं का भी उल्लेख किया।

कार्यक्रम के दौरान एसडीएम नजफगढ़ सम्यंक जैन ने किसानों से संवाद स्थापित किया और कृषि के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। डिप्टी चेयरमैन देविंदर डबास ने कहा कि पीएम किसान योजना ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन और सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम बन चुकी है। उन्होंने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और यह योजना किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है।

कार्यक्रम में डॉ. डी.के. राणा, अध्यक्ष, कृषि विज्ञान केंद्र, दिल्ली ने अतिथियों का स्वागत किया और किसानों को केंद्र द्वारा संचालित विभिन्न गतिविधियों एवं कल्याणकारी पहल के बारे में अवगत कराया। समापन पर डॉ. राकेश कुमार, विषय विशेषज्ञ, कृषि विज्ञान केंद्र ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

दिल्ली देहात के 317 प्रगतिशील किसान एवं महिला कृषकों ने इस कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता की।

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