अब खत्म होगा गाजा में चल रहा युद्ध, अमेरिका ने निकाला समाधान, जाने क्या है 21 सूत्रीय शांति प्रस्ताव!
इस्राइल को गाजा से हटानी होगी अपनी सेना, हमास को पूरी तरह से होना पड़ेगा निरस्त्र
Washington: गाजा में चल रहे युद्ध को समाप्त करने और भविष्य में फलस्तीनी राज्य का रास्ता बनाने के लिए समाधान निकाले गए हैं। इसके लिए अमेरिका ने 21 सूत्रीय शांति प्रस्ताव पेश किया है। इस प्रस्ताव के तहत इस्राइल को गाजा से अपनी सेना हटानी होगी और हमास को पूरी तरह से निरस्त्र होना पड़ेगा। इसके साथ ही प्रस्ताव में सभी बंधकों की रिहाई करने की बात भी शामिल है।
इस प्रस्ताव के विरोध में उतरे इस्राइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू
वहीं गाजा के पुनर्निर्माण और वहां के निवासियों को विस्थापित न करने जैसी अहम बातें की गई हैं। हालांकि, इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया है। इस विरोध के बावजूद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे लेकर आशा जताई। यह दस्तावेज अमेरिका ने इस हफ्ते न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के सत्र के दौरान कुछ अरब और मुस्लिम देशों के साथ साझा किया। इस योजना को खास बनाने वाली बात यह है कि इसमें गाजा के लोगों को वहीं रहने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।
प्रस्ताव में फलस्तीनी राज्य का भी जिक्र
यह अमेरिकी नीति में बड़ा बदलाव है, क्योंकि फरवरी में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका गाजा को अपने नियंत्रण में लेकर वहां के करीब 20 लाख लोगों को स्थायी रूप से कहीं और बसाएगा। इसके अलावा योजना में भविष्य के फलस्तीनी राज्य का जिक्र भी है, जबकि ट्रंप प्रशासन ने अब तक दो-राष्ट्र समाधान का समर्थन नहीं किया था। इस प्रस्ताव में इस्राइल के लिए भी कई फायदे हैं, जैसे हमास का पूरी तरह से निरस्त्रीकरण, गाजा को आतंक मुक्त क्षेत्र में बदलना और वहां के लोगों को चरमपंथी विचारधारा से दूर करने की प्रक्रिया शुरू करना।
नेतन्याहू बोले- हम इसे कभी नहीं करेंगे स्वीकार
इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया। उन्होंने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में कहा कि ‘7 अक्टूबर के हमले के बाद येरुशलम से एक मील दूर फलस्तीनी राज्य बनाना वैसा ही है जैसे 9/11 के बाद न्यूयॉर्क से एक मील दूर अल-कायदा का राज्य बना देना। यह पूरी तरह पागलपन है और हम इसे कभी स्वीकार नहीं करेंगे।’
ट्रम्प ने जताई उम्मीद, सभी क्षेत्रीय देश इस प्रक्रिया में शामिल
इस विरोध के बावजूद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे लेकर आशा जताई। उन्होंने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि ‘पिछले चार दिनों से गहन वार्ताएं चल रही हैं और तब तक जारी रहेंगी जब तक कोई ठोस समझौता नहीं हो जाता। सभी क्षेत्रीय देश इस प्रक्रिया में शामिल हैं। हमास भी बातचीत से पूरी तरह वाकिफ है और इस्राइल को भी हर स्तर पर जानकारी दी गई है।’
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