महर्षि दयानंद सरस्वती के विचार आज भी ज्ञान, समानता और आत्मनिर्भरता के मार्गदर्शक – CM

आर्य समाज की 150वीं वर्षगांठ और महर्षि दयानंद सरस्वती की 200वीं जयंती पर हुआ भव्य समारोह

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नई दिल्ली, 31 अक्टूबर

दिल्ली के स्वर्ण जयंती पार्क में आर्य समाज की 150वीं वर्षगांठ और महर्षि दयानंद सरस्वती की 200वीं जयंती के उपलक्ष्य में शुक्रवार को भव्य समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आर्य समाज के अनुयायियों को शुभकामनाएँ दीं और कहा कि यह आयोजन भारत के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आर्य समाज की 150 वर्षों की यात्रा समाज सुधार, शिक्षा, समानता और नारी सशक्तिकरण के मूल्यों से प्रेरित रही है।

मुख्यमंत्री ने महर्षि दयानंद सरस्वती के जीवन और विचारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका “वेदों की ओर लौटो” का संदेश केवल धार्मिक नहीं, बल्कि वैज्ञानिक सोच, आत्मनिर्भरता और समानता की दिशा में मार्गदर्शक है। उन्होंने कहा कि महर्षि दयानंद ने समाज को अंधविश्वास और कुरीतियों से मुक्त कर सत्य, ज्ञान और मानवता के मार्ग पर अग्रसर किया।

रेखा गुप्ता ने कहा कि आर्य समाज ने महिलाओं के सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अगर महर्षि दयानंद सरस्वती और आर्य समाज ने उस दौर की सामाजिक कुप्रथाओं को चुनौती नहीं दी होती, तो आज बेटियाँ इस मुकाम तक नहीं पहुँच पातीं।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि वे महर्षि दयानंद सरस्वती के सच्चे अनुयायी हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यों में करुणा, समानता और समाज कल्याण की झलक मिलती है। उनकी योजनाएँ जनकल्याण और राष्ट्र के सर्वांगीण विकास के लिए समर्पित हैं।

रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी आज के समय में महर्षि दयानंद सरस्वती की विचारधारा को आगे बढ़ा रहे हैं। उनके नेतृत्व में देश आत्मनिर्भरता, सामाजिक न्याय और समग्र प्रगति की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है।

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