Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया पर क्या रहेगा खास, पढ़िए प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य की भविष्यवाणी
रविवार के दिन प्रात: 10 :49 पर इस तिथि का आरंभ
लखनऊ, डेस्क: अक्षय तृतीया हर साल वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। अक्षय तृतीया को किए जाने वाले शुभ काम की अक्षय फल प्राप्ति होती है। तृतीया तिथि 19 अप्रैल, रविवार के दिन प्रात: 10 :49 पर आरंभ हो जाएगी, इसके उपरांत 20 अप्रैल, सोमवार के दिन प्रात: 7: 27 तक समाप्त होगी। यह जानकारी प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य एस.एस.नागपाल ने दी।
इस दिन दान करना, सोना और वाहन खरीदना अच्छा
लखनऊ में अलीगंज स्थित स्वास्तिक ज्योतिष केन्द्र के ज्योतिषाचार्य नागपाल बताते हैं कि इस दिन दान करना, सोना और वाहन खरीदना अच्छा होता है। अक्षय तृतीया स्वयं सिद्व मुहूर्त अबुझ मुहूर्त है। इसमें विवाह, गृह प्रवेश, नया व्यापार आदि सभी कार्य किये जा सकते है। परशुराम जयन्ती, त्रेतायुग का प्रारम्भ इसी तिथि को हुआ था। इसे युगादि तिथि भी कहते है। इस दिन भगवान विष्णु एवं लक्ष्मी जी की पूजा की जाती है। भगवान विष्णु के नर नारायण, हयग्रीव अवतार इसी दिन हुआ था। भगवान ब्रहमा जी के पुत्र अक्षय कुमार का जन्म भी इसी दिन हुआ था।
श्री बद्रीनारायण के पट भी खुलते हैं
नागपाल के मुताबिक, इसी दिन श्री बद्रीनारायण के पट भी खुलते हैं और वृन्दावन में श्रीबिहारी जी के चरणों का दर्शन भी होता है। अक्षय तृतीया में तीर्थो में स्नान, जप, तप, हवन आदि शुभ कार्याे का अनंत फल मिलता है। इस दिन किया गया दान अक्षय यानि जिसका क्षय न हो माना जाता है। जल, अन्न, वस्त्र का दान करना उत्तम है।
अक्षय तृतीया पर दुर्लभ संयोग
ज्योतिषाचार्य नागपाल के मुताबिक, इस दिन रवि योग, आयुष्मान योग, त्रिपुष्कर और सौभाग्य योग का निर्माण हो रहा है। इस दिन सूर्य अपनी उच्च राशि मेष में, चन्द्रमा उच्च राशि वृषभ में शुक्र अपनी वृषभ राशि में होने से ‘मालव्य’ महायोग बनेगा।
19 अप्रैल को खरीदारी हेतु अभिजित मुहूर्त
दिन में 11:40 से 12:31, विजय मुहूर्त दिन में 02:15 से 03:06 , सन्ध्या मुहूर्त 06:32 से 07:39 चौघड़िया अनुसार मुहूर्त- अमृत वेला प्रात: 10:29 से दिन में 12:04, शुभ वेला दिन में 1:42 से 3:19 रात्रि चौघड़िया में शुभ अमृत और चर वेला संध्या 6:32 से रात्रि 10:42, मध्य रात्रि लाभ वेला 01:28 से 02 :52 अक्षय तृतीया पर सोना चांदी खरीदना शुभ होता है। यदि अक्षय तृतीया के दिन सोना खरीदने में असमर्थ हैं तो निम्न में कुछ वस्तुएं खरीद सकते हैं। ये वस्तुएं मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय हैं और घर में धन्यधन्य लाती हैं।
मिट्टी के बर्तन- अक्षय तृतीया पर मिट्टी के बर्तन खरीदना बहुत ही शुभ माना जाता है। मिट्टी को शुद्ध और पवित्र माना जाता है। इसलिए, मिट्टी के बर्तन खरीदने से घर में सुख-समृद्धि आती है।
पीतल/कांसे के बर्तन- पीतल के बर्तन खरीदने से घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है।
धार्मिक पुस्तकें- धार्मिक पुस्तकें खरीदना भी बहुत ही शुभ माना जाता है। वहीं, इस मौके पर शास्त्र पढ़ने से ज्ञान और सकारात्मकता बढ़ती है।
तुलसी का पौधा- अक्षय तृतीया पर तुलसी का पौधा जरूर लगाएं। ऐसा करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है।
श्री यंत्र- श्री यंत्र को धन और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में आप इसे भी खरीद सकते हैं।
कौड़ी/गोमती चक्र- अक्षय तृतीया पर कौड़ी या गोमती चक्र खरीदना उत्तम माना जाता है। कौड़ी को मां लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है।
मिट्टी का घड़ा- अक्षय तृतीता के दिन मिट्टी का घड़ा खरीदना भी बहुत शुभ होता है।
जौ- इसे सृष्टि का सबसे पहला अन्न माना जाता है। जौ को भगवान विष्णु का प्रतीक माना जाता है, इसलिए जौ की खरीदारी से मां लक्ष्मी भी प्रसन्न होती है।
पीली सरसों- इसे घर में लाने से माँ लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है।
रूई- यह खरीद घर में सुख-शांति और धन-धान्य की वृद्धि करता है। यह बहुत ही सस्ता और शुभ विकल्प है।
सेंधा नमक- नमक का संबंध सीधे तौर पर समुद्र से है। माता लक्ष्मी का प्राकट्य भी समुद्र मंथन के दौरान हुआ था। दरिद्रता और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
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