विश्व मधुमेह दिवस पर यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में होगा हेल्थ मेला

सभी की होगी मुफ्त जांच, मिलेंगे दवाएं और उपकरण

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दिल्ली, 10 नवम्बर
विश्व मधुमेह दिवस (World Diabetes Day) के अवसर पर यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल 14 नवम्बर को एक भव्य हेल्थ मेला आयोजित करने जा रहा है। इस विशेष आयोजन का उद्देश्य डायबिटीज जैसी तेजी से बढ़ती बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करना और समय रहते इसकी रोकथाम के लिए प्रेरित करना है।

अस्पताल के वरिष्ठ एंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ. राजीव गुप्ता ने बताया कि इस हेल्थ मेले में आने वाले सभी लोगों की मुफ्त जांच की जाएगी। इसमें ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर, बॉडी मास इंडेक्स (BMI), कोलेस्ट्रॉल आदि की जांचें शामिल होंगी। उन्होंने कहा कि मेले में भाग लेने वाले लोगों को दवा के साथ-साथ ग्लूकोमीटर, टेस्टिंग स्ट्रिप्स और अन्य जरूरी उपकरण भी मुफ्त प्रदान किए जाएंगे, ताकि मरीज अपने शुगर स्तर की नियमित जांच घर पर ही कर सकें।

डॉ. गुप्ता ने कहा कि बीते कुछ वर्षों में भारत में डायबिटीज के मरीजों की संख्या में 44 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे प्री-डायबिटीज के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि एक अध्ययन के अनुसार भारत में अब 25 वर्ष से कम उम्र के युवाओं में भी टाइप-2 डायबिटीज के मामले सामने आ रहे हैं। यह स्थिति गंभीर होती जा रही है क्योंकि आधुनिक जीवनशैली, प्रदूषण, तनाव और खानपान की आदतों में बदलाव ने शरीर की इंसुलिन संवेदनशीलता को प्रभावित किया है।

अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. संजय गुप्ता ने कहा कि भारत में अब लगभग 12.3% वयस्क आबादी प्रीडायबिटिक या डायबिटिक स्थिति में है। उन्होंने बताया कि भारतीय शरीर में वसा (फैट) के असमान वितरण और पेट के आसपास जमा होने वाली चर्बी से डायबिटीज का खतरा और बढ़ जाता है। उन्होंने सलाह दी कि हर व्यक्ति को नियमित स्वास्थ्य जांच करानी चाहिए और अपने खानपान व व्यायाम की दिनचर्या पर ध्यान देना चाहिए।

डॉ. अनिल गौर ने बताया कि बढ़ते वायु प्रदूषण का भी डायबिटीज पर असर पड़ता है। दिल्ली-एनसीआर जैसे क्षेत्रों में प्रदूषण और निष्क्रिय जीवनशैली के कारण लगभग 22 प्रतिशत युवाओं में ब्लड शुगर बढ़ने की समस्या देखी जा रही है। कोविड काल के बाद यह स्थिति और गंभीर हुई है, क्योंकि संक्रमण के बाद कई लोगों में इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या सामने आई है।

महिलाओं में गर्भावधि मधुमेह (Gestational Diabetes) के मामलों में भी लगभग 15 से 16 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार गर्भावस्था के दौरान शुगर बढ़ने से न केवल मां, बल्कि बच्चे में भी आगे चलकर मोटापा और टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है।

डॉक्टरों का कहना है कि डायबिटीज को शुरुआती अवस्था में पहचाना और नियंत्रित किया जा सकता है। इसके लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद, तनाव नियंत्रण और समय-समय पर ब्लड शुगर जांच करना अत्यंत आवश्यक है।

कार्यक्रम विवरण:
तारीख: 14 नवम्बर 2025 (विश्व मधुमेह दिवस)
स्थान: यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, नोएडा

समय: सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक

अस्पताल प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे इस स्वास्थ्य मेले में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और अपने परिवार के साथ स्वास्थ्य जांच अवश्य करवाएं। हेल्थ मेले में डॉक्टरों की टीम न केवल जांच करेगी, बल्कि डायबिटीज की रोकथाम और नियंत्रण के उपायों पर विशेषज्ञ परामर्श भी देगी।

यथार्थ हॉस्पिटल ने कहा कि यह आयोजन समाज में स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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