Navratri 2025: इस बार कई शुभ संयोग, पूरे देश में बढ़ेगी समृद्धि-ज्योतिषाचार्य एस.एस. नागपाल

सोमवार के दिन नवरात्रि की प्रतिपदा तिथि पड़ने के कारण हाथी होगी मां की सवारी

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Lucknow: शारदीय नवरात्र में इस साल कई शुभ संयोग बन रहे हैं। मां दुर्गा के हाथी पर आगमन से पूरे देश में समृद्धि बढ़ेगी। गुरु और चंद्रमा एक दूसरे से केंद्र भाव में होंगे। गुरु मिथुन राशि में और चंद्रमा कन्या राशि में गोचर करेंगे जिससे गजकेसरी राजयोग का निर्माण होगा। चंद्रमा बुध और सूर्य की युति कन्या राशि में बुधादित्य राजयोग, भद्र राजयोग का निर्माण हो रहा है। नवरात्र के पहले दिन ब्रह्म योग, शुक्ल योग और महालक्ष्मी राजयोग का निर्माण हो रहा है। यह जानकारी ज्योतिषाचार्य एस.एस. नागपाल ने दी।

शारदीय नवरात्र 22 सितंबर से 1 अक्टूबर तक

लखनऊ में अलीगंज स्थित स्वास्तिक ज्योतिष
केन्द्र के ज्योतिषाचार्य श्री नागपाल बताते हैं कि
आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि की शुरुआत 22 सितंबर से शुरू हो रही है एवं 01 अक्टूबर को महानवमी को नवरात्र की समाप्ति होगी। शारदीय नवरात्रि में मां के 9 स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है।

इस बार 10 दिन के होंगे नवरात्र

ज्योतिषाचार्य के मुताबिक, इस बार नवरात्र 10 दिन के होंगे, तृतीया तिथि दो दिन होने के कारण 24 और 25 सितंबर को मां चंद्रघंटा की पूजा की जाएगी, सोमवार के दिन नवरात्रि की प्रतिपदा तिथि पड़ने के कारण मां की सवारी हाथी होगी। हाथी को सुख-समृद्धि और ज्ञान का प्रतीक माना जाता है, ऐसे में मां दुर्गा पृथ्वी लोक के लिए सुख-समृद्धि और खुशहाली के लेकर आएंगी।

प्रातःकाल की जाती है घटस्थापना एवं देवी पूजा

उन्होंने बताया कि 22 सितम्बर (सोमवार) को शारदीय नवरात्र पर घटस्थापना एवं देवी पूजा प्रातःकाल की जाती है। प्रातःकाल सूर्योदय के समय द्विस्वभाव लग्न कन्या रहेगी, जो कि घट स्थापना एवं दुर्गा पूजन के लिए श्रेष्ठ मानी जाती है। मध्याह्न में अभिजित् मुहूर्त में भी घटस्थापना किए जाने का विधान है। 22 सितम्बर को घट स्थापना मुहूर्त प्रात: 06:09 से प्रात: 08:06 एवं मध्याह्न में अभिजित् मुहूर्त दिन में 11:49 से 12:38 श्रेष्ठ है।

शारदीय नवरात्रि तिथियां:

1) 22 सितंबर नवरात्रि का पहला दिन: मां शैलपुत्री की पूजा

2) 23 सितंबर नवरात्रि के दूसरे दिन: मां ब्रह्मचारिणी की पूजा

3) 24 सितंबर नवरात्रि के तीसरे दिन: मां चंद्रघंटा की पूजा

4) 25 सितंबर नवरात्रि का तीसरे दिन: मां चंद्रघंटा की पूजा

5) 26 सितंबर नवरात्रि का चौथा दिन: मां कूष्माण्डा की पूजा

6) 27 सितंबर नवरात्रि का पांचवां दिन: मां स्कंदमाता की पूजा

7) 28 सितंबर नवरात्रि का छठा दिन: मां कात्यायनी की पूजा

8) 29 सितंबर नवरात्रि का सातवां दिन: मां कालरात्रि की पूजा

9) 30 सितंबर नवरात्रि का आठवा दिन: मां महागौरी सिद्धिदात्री की पूजा

10) 1 अक्टूबर नवरात्रि का नौवां दिन: मां सिद्धिदात्री की पूजा

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