योगी सरकार सवर्णों को दे रही दलितों-पिछड़ों की नौकरियां: संजय सिंह

बांदा और लखीमपुर में हुए भर्ती घोटालों की जांच की मांग

536

Lucknow: आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता व राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरियों में आरक्षण की अनदेखी करने पर भाजपा की योगी आदित्यनाथ की सरकार को आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में भर्ती घोटाला हो रहा है। योगी सरकार दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों के हक की नौकरियां सवर्णों को दे रही है।

बांदा और लखीमपुर में हुए भर्ती घोटालों की जांच की मांग

संजय सिंह ने कहा कि बांदा कृषि विश्वविद्यालय में 15 पदों पर भर्ती हुई, जिसमें 11 ठाकुर, 2 सामान्य और 2 दलित-पिछड़ों को नौकरी मिली। इसी तरह, लखीमपुर सहकारी बैंक में 27 पदों की भर्ती में 15 ठाकुर, 4 सामान्य और 8 पिछड़े-दलित-आदिवासी चुने गए। संजय सिंह ने कहा खुद को पिछड़ों के नेता बताने वाले मोदी जी दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों का हक हड़पे जाने पर चुप हैं, जिससे इन वर्गों के आक्रोश बढ़ रहा है। उन्होंने इस भर्ती घोटाले की जांच कर दोषियों को सजा दिलाने और आरक्षण को पूरी तरह लागू करने की मांग की है।

भारत माता के बेटों के साथ अन्याय होगा तो भारत माता की जय कैसे होगी?

संजय सिंह ने कहा कि अगर भारत माता के बेटों के साथ अन्याय होगा तो भारत माता की जय कैसे होगी? हिंदुओं को एकजुट करने की बात करने वाले लोग बताएंगे कि क्या पिछड़े वर्ग, दलित और आदिवासी हिंदू नहीं हैं? क्या उन्हें संविधान में दिए गए हक और आरक्षण का अधिकार नहीं मिलना चाहिए? देश में 50 फीसद आरक्षण पिछड़ों, दलितों और आदिवासियों के लिए है। 10 फीसद आरक्षण सामान्य वर्ग के गरीबों के लिए है। इसके बाद बची नौकरियां सामान्य वर्ग को दी जा सकती हैं। लेकिन उत्तर प्रदेश में भर्तियों में घोटाले हो रहे हैं।

पेपर लीक हो जाते हैं, लेकिन सरकार इसकी जिम्मेदारी नहीं लेती

AAP नेता संजय सिंह ने कहा कि कई भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक हो जाते हैं, लेकिन सरकार इसकी जिम्मेदारी नहीं लेती। लाखों नौजवान फॉर्म भरते हैं, लेकिन उन्हें नौकरी के बजाय लाठियां मिलती हैं। उत्तर प्रदेश के नौजवानों को क्या सिर्फ लाठी खाने के लिए पैदा किया गया है? प्रयागराज, लखनऊ, गोरखपुर, बनारस समेत हर जगह नौजवानों को लाठियां झेलनी पड़ती हैं। आज उत्तर प्रदेश ने नौकरी की मांग कर रहे नौजवानों की दयनीय स्थिति है।

मुख्यमंत्री और उनके चहेते दूसरी जातियों का हड़प रहे हैं आरक्षण

राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री और उनके चहेते अपनी जाति के युवाओं को नौकरियों में भर रहे हैं और दूसरी जातियों का आरक्षण हड़प रहे हैं। वे सोचते हैं कि इससे वे ताकतवर बन जाएंगे। लेकिन वे भूल रहे हैं कि ऐसा करने से 80-85 फीसद दूसरी जातियों में असंतोष और आक्रोश फैल रहा है। सवर्ण जाति के कुछ लोग खुश हो रहे हैं कि 27 में से 15 नौकरियां उनको मिल गईं। लेकिन वे यह भूल रहे हैं कि इससे 85 फीसद दूसरी जातियों का गुस्सा उन पर फूटेगा।

खुद को पिछड़े वर्ग से बताने वाले मोदी जी भी चुप

संजय सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी खुद को पिछड़ों का नेता बताते हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश में स्थिति इसके बिल्कुल उलट है। बांदा के कृषि विश्वविद्यालय में एक भर्ती हुई, जिसमें 11 ठाकुर, दो सामान्य वर्ग और दो पिछड़े-दलित-आदिवासी चुने गए। लखीमपुर के सहकारी बैंक में 27 में से 15 ठाकुर, चार सामान्य वर्ग और आठ पिछड़े-दलित-आदिवासी चुने गए।

भाजपा-आरएसएस इस देश में संविधान और आरक्षण की व्यवस्था को खत्म करना चाहती है

संजय सिंह ने कहा कि भाजपा और आरएसएस इस देश में संविधान और आरक्षण की व्यवस्था को खत्म करना चाहते हैं। आरएसएस के 100 साल हो गए, लेकिन उनका एक भी प्रमुख पिछड़ी, दलित, न आदिवासी जाति से नहीं रहा। फिर ऐसी पार्टी और संगठन से कैसे उम्मीद करें कि वे हमारे साथ न्याय करेंगे? यह कभी नहीं होगा। इसलिए इस भर्ती घोटाले की गंभीर जांच होनी चाहिए। दोषियों को जेल भेजा जाए और आरक्षण को पूरी तरह लागू किया जाए।

Comments are closed.