“लाइक और शेयर कभी भी वोटों का स्थान नहीं ले सकते”, सिडनी के कॉमनवेल्थ कॉन्फ्रेंस में बोले यूपी विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना
डिजिटल युग ने संसदीय लोकतंत्र का स्वरूप बदल दिया
Indinewsline, Lucknow:
उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा है कि डिजिटल युग ने संसदीय लोकतंत्र का स्वरूप बदल दिया है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स ने नागरिकों की भागीदारी को बढ़ावा दिया है और विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श के दायरे को व्यापक बनाया है, लेकिन इसके साथ ही लोकतांत्रिक संस्थाओं को डिजिटल दबाव और इसके दुरुपयोग को भी समझना होगा।
वह गुरुवार को सिडनी (ऑस्ट्रेलिया) में आयोजित 67वें कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री कॉन्फ्रेंस में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए सम्बोधित कर रहे थे।
विधायिकाओं को सशक्त तंत्र विकसित करना चाहिए
सम्मेलन में उन्होंने कहा कि संसद और विधायिका को इन प्लेटफॉर्म्स की असाधारण भूमिका को समझते हुए जन विश्वास बनाए रखने के लिए प्रयास करने होंगे। श्री महाना ने जोर देकर कहा कि फर्जी खबरों के प्रभाव से संसदीय प्रक्रिया को बचाने के लिए विधायिकाओं को सशक्त तंत्र विकसित करना चाहिए।
लोकतंत्र में असल मुद्दों और वोटिंग प्रक्रिया का महत्व हमेशा रहेगा
उन्होंने कहा कि लाइक और शेयर कभी भी वोटों का स्थान नहीं ले सकते। वोट वास्तविक होते हैं, जबकि डिजिटल सपोर्ट अक्सर वास्तविकता से परे हो सकता है। इसलिए, लोकतंत्र में असल मुद्दों और वोटिंग प्रक्रिया का महत्व हमेशा रहेगा।
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