RLD ने दी महात्मा गांधी एवं भारत रत्न शास्त्री को श्रद्धांजलि, इनके बताए मार्ग पर चलने का आह्वान

त्याग और सादगी का प्रतीक था लाल बहादुर शास्त्री जी का जीवन

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Lucknow: हजरतगंज स्थित राष्ट्रीय लोकदल (RLD) कार्यालय में जयंती पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई।

हिंसा और वैमनस्य कभी समाधान नहीं हो सकते: रामाशीष राय

इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष रामाशीष राय ने कहा कि “महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए देश को आज़ादी दिलाई। उन्होंने सिखाया कि हिंसा और वैमनस्य कभी समाधान नहीं हो सकते। आज जब समाज में आपसी सौहार्द्र और भाईचारे की सबसे अधिक आवश्यकता है, तब गांधी जी के विचार और भी प्रासंगिक हो जाते हैं।

सत्य, अहिंसा और करुणा से भरा हुआ समाज बनाएं

उन्होंने कहा कि हम सबका कर्तव्य है कि उनके बताए मार्ग पर चलकर सत्य, अहिंसा और करुणा से भरा हुआ समाज बनाएं।”उन्होंने आगे कहा कि “लाल बहादुर शास्त्री जी का जीवन त्याग और सादगी का प्रतीक था। वे उस दौर में प्रधानमंत्री बने जब देश को गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा था।

नारा देकर किसानों और सैनिकों को दी नई प्रेरणा

शास्त्री जी ने ‘जय जवान, जय किसान’ का नारा देकर किसानों और सैनिकों को नई प्रेरणा दी। उनका मानना था कि जब तक अन्नदाता किसान समृद्ध नहीं होगा और जब तक देश का जवान सुरक्षित नहीं रहेगा, तब तक भारत आत्मनिर्भर नहीं बन सकता। शास्त्री जी ने अपने कार्यकाल में अनुशासन, ईमानदारी और सादगी की मिसाल कायम की, जो आज भी हर राजनेता और आम नागरिक के लिए आदर्श है।”

आज का युवा देश की सबसे बड़ी ताकत

प्रदेश अध्यक्ष ने विशेष रूप से युवाओं और किसानों को संदेश देते हुए कहा कि “आज का युवा देश की सबसे बड़ी ताकत है। यदि युवा गांधी जी और शास्त्री जी के आदर्शों को अपनाएंगे तो भारत निश्चित रूप से प्रगति और समृद्धि की ऊंचाइयों तक पहुंचेगा। किसानों के कल्याण और युवाओं के सशक्तिकरण के बिना देश का विकास अधूरा है। राष्ट्रीय लोकदल हमेशा किसानों के अधिकारों और युवाओं के भविष्य की लड़ाई लड़ता आया है और आगे भी लड़ता रहेगा।”

राष्ट्र निर्माण में सादगी, समर्पण और नैतिक मूल्यों की सबसे बड़ी भूमिका: अनिल दुबे

विशेष रूप से उपस्थित राष्ट्रीय महासचिव अनिल दुबे ने कहा कि “गांधी जी और शास्त्री जी का जीवन हमें यह सिखाता है कि राष्ट्र निर्माण में सादगी, समर्पण और नैतिक मूल्यों की सबसे बड़ी भूमिका होती है। यदि हम उनके बताए मार्ग पर चलें, तो निश्चित ही भारत को एक मजबूत, आत्मनिर्भर और न्यायपूर्ण देश बना सकते हैं।”

गांधी और शास्त्री जैसे नेताओं की शिक्षाएं हमें दिखाती है सही दिशा 

उन्होंने आगे कहा कि “आज जब राजनीति और समाज में भौतिकवाद तथा स्वार्थपरता का बोलबाला है, तब गांधी और शास्त्री जैसे नेताओं की शिक्षाएं हमें सही दिशा दिखाती हैं। शास्त्री जी का जीवन हमें यह विश्वास दिलाता है कि ईमानदारी और सादगी के साथ भी महान नेतृत्व किया जा सकता है। वहीं गांधी जी ने यह सिखाया कि सत्य और अहिंसा केवल आदर्श नहीं बल्कि व्यवहारिक जीवन का हिस्सा होना चाहिए। हमें उनकी शिक्षाओं को केवल स्मरण करने तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि उन्हें अपने जीवन और कार्यों में उतारना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।”

ये प्रमुख पदाधिकारी व कार्यकर्ता रहे शामिल

राष्ट्रीय लोकदल के मीडिया प्रभारी मयंक त्रिवेदी ने बताया कि इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष रजनीकांत मिश्र, आदित्य विक्रम सिंह, प्रदेश महासचिव रमावती तिवारी, चंद्रकांत अवस्थी, प्रदेश सचिव अशोक तिवारी, प्रमोद शुक्ला, तराई क्षेत्र के अध्यक्ष पी. के. पाठक सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल रहे। कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रगान गाया गया। साथ ही देश की एकता, अखंडता और प्रगति के लिए सभी ने मिलकर प्रतिज्ञा ली।

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