World Diabetes Day: “जीवन के हर चरण में मधुमेह-स्वास्थ्य, गरिमा और आत्म-प्रबंधन के लिए जागरूकता”

फार्मेसिस्ट फेडरेशन के अध्यक्ष एवं स्टेट फार्मेसी काउंसिल के पूर्व चेयरमैन सुनील यादव का पढ़ें लेख✍️

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World Diabetes Day 2025: मधुमेह केवल रोग नहीं, बल्कि जीवनशैली से जुड़ा एक संदेश है। इसे जागरूकता, नियमितता और सही देखभाल से हर व्यक्ति अपने जीवन के हर चरण में नियंत्रित कर सकता है।”

“जीवन के हर चरण में मधुमेह”

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा प्रतिवर्ष 14 नवम्बर को विश्व मधुमेह दिवस (World Diabetes Day) मनाया जाता है। इस वर्ष का विषय “Diabetes across life stages” अर्थात् “जीवन के हर चरण में मधुमेह” है, जो यह संदेश देता है कि मधुमेह किसी भी आयु में- बचपन से लेकर वृद्धावस्था तक-किसी को भी प्रभावित कर सकता है। उचित देखभाल, सही उपचार, शारीरिक गतिविधियां बढ़ाकर और पोषक पदार्थों के सेवन से रोग के होने या रोग की गंभीरता दोनों से बचा जा सकता है।

शारीरिक दिनचर्या, संतुलित आहार और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण को जीवन का हिस्सा बनाएं

फार्मेसिस्ट फेडरेशन के अध्यक्ष एवं स्टेट फार्मेसी काउंसिल के पूर्व चेयरमैन सुनील यादव ने इस अवसर पर आम जन से अपील की है कि “हम सभी को अपनी शारीरिक दिनचर्या, संतुलित आहार और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण को जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। मधुमेह एक ऐसा रोग है जिसे समझदारी, अनुशासन और सही उपचार से नियंत्रित किया जा सकता है। जो लोग पहले से मधुमेह से पीड़ित हैं, वे डॉक्टर और फार्मेसिस्ट के परामर्श अनुसार दवा एवं आहार का पालन करते हुए भी पूर्णतः स्वस्थ जीवन जी सकते हैं।”

बचपन, युवावस्था, प्रजनन काल और वृद्धावस्था, सभी चरणों में एकीकृत प्रयास आवश्यक

श्री यादव ने बताया कि मधुमेह नियंत्रण और रोकथाम के लिए बचपन, युवावस्था, प्रजनन काल और वृद्धावस्था—सभी चरणों में एकीकृत प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने यह भी कहा कि समाज को मधुमेह रोगियों के लिए सहायक वातावरण (supportive environment) बनाना चाहिए ताकि वे आत्म-प्रबंधन (self-management) और गरिमामय जीवन जी सकें। शारीरिक क्रियाकलाप की कमी और स्वास्थ्य के लिए अनुपयुक्त, unhealthy भोज्य पदार्थों का सेवन इस बीमारी का प्रमुख कारक है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने डायबिटीज के लिए 5 वैश्विक लक्ष्य (2030 तक) तय किए हैं-

1. 80% लोगों में मधुमेह का निदान हो।

2. निदानित 80% रोगियों का रक्त शर्करा स्तर (Blood Sugar level) नियंत्रित हो।

3. निदानित 80% रोगियों का रक्तचाप नियंत्रण में हो।

4. 40 वर्ष से अधिक आयु वाले 60% मधुमेह रोगी स्टैटिन दवा लें।

5. 100% टाइप-1 मधुमेह रोगियों को सुलभ इंसुलिन और ग्लूकोज मॉनिटरिंग की सुविधा मिले।

विश्व मधुमेह दिवस पर विभिन्न कार्यक्रमों का होगा आयोजन

भारत में भी विश्व मधुमेह दिवस के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, फार्मेसिस्ट फेडरेशन ने सभी फार्मासिस्टों से यह अपील किया है कि सभी मरीजों और उनके पारिवारिक जनों को इस रोग के संबंध में जानकारी देकर रोग से बचाएं और रोगियों को स्वस्थ होने तथा स्वस्थ बने रहने के लिए आवश्यक जानकारियां जरूर उपलब्ध कराएं।

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