UP: वेतन रोके जाने से कर्मचारियों में आक्रोश, होली से पहले देने का अनुरोध, परिषद ने उठाई मांग
पोर्टल पर दर्ज नहीं करा पाए संपत्ति का ब्योरा, सीएम योगी आदित्यनाथ व मुख्य सचिव को भेजा पत्र
Lucknow: उत्तर प्रदेश सरकार से बिना शर्त होली से पहले कर्मचारियों को वेतन देने का अनुरोध किया गया गया है। इसके लिए राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उप्र के महामंत्री अतुल मिश्रा ने मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव को पत्र लिखा है। पत्र के माध्यम से अतुल मिश्रा ने अवगत कराया है कि मानव संपदा पोर्टल पर चल-अचल संपत्ति का ब्योरा न भर पाने की वजह से कुछ कर्मचारियों का विगत माह का वेतन रोक दिया गया है जो न्यायोचित नहीं है।
कुछ शर्तों के तहत वेतन देने का आदेश
वहीं गुरुवार को एक आदेश जारी कर कुछ शर्तों के तहत वेतन देने को कहा गया है, लेकिन होली को देखते हुए बिना शर्त सभी को पहले वेतन भुगतान किया जाना न्याय होगा। श्री मिश्रा ने कहा कि कम्प्यूटर का ज्ञान न होने के कारण कुछ कर्मचारी अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्योरा नहीं भर पाए हैं। ये वे कर्मचारी हैं, जो कि या तो फील्ड/रूरल में सर्विस कर रहे है। ये आज भी की पैड वाले मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे हैं। जिसके कारण वे भरने में असमर्थ रहे।
आज भी अधिकांश कर्मचारियों का नहीं बन पाया कैशलेस कार्ड
उल्लेखनीय है कि सरकार द्वारा कर्मचारियों की सुविधा के लिये दीनदयाल उपाध्याय कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। जिसका लाभ कार्ड बनवाकर प्राप्त कर सकते हैैं, पर, आज भी अधिकांश कर्मचारियों का कैशलेस कार्ड नहीं बन पाया है और वे इससे वांछित हैं। चूंकि साधन व जानकारी का अभाव है। ऐसी परिस्थिति में वेतन रोकने जैसा कृत मानवीय दृष्टिकोण से किसी भी तरह से उचित नही है।आज के परिवेश में यदि कर्मचारी का वेतन कुछ दिन विलम्ब होता है तो उसको और उसके परिवार को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसी परिस्थिति में वेतन रोक देने से कर्मचारी व उसका परिवार भुखमरी की कगार पर पहुंच जाएगा। बोर्ड सहित सभी कक्षाओं की परीक्षाएं चल रही हैं। इनके बच्चों को उसमें भी समस्यायें आ रही हैं। साथ ही होली जैसे पर्व पर वेतन न मिलना एक तरह से सरकार के द्वारा शोषण की श्रेणी में आता है।
पोर्टल की खराबी की वजह से भी कर्मचारी दर्ज नहीं करा सके अपनी संपत्ति का ब्यौरा
कई जनपदों से पदाधिकारियों द्वारा यह भी संज्ञान में लाया गया है कि कई दिनों से पोर्टल बन्द चल रहा था, जिसके कारण जो प्रयास कर भी रहे थे उनका ब्यौरा दर्ज नहीं हो सका। श्री मिश्रा ने बताया कि परिषद द्वारा कैशलेस इलाज की सुविधा कर्मचारियों को प्राप्त हो, इसके लिए मुख्य सचिव स्तर पर हुई बैठकों में सुझाव दिया गया था। कहा गया था कि प्रत्येक जनपदीय कार्यालयों में कैम्प लगाकर उनका कार्ड बनवाया जाये, पर सहमति मिलने के बावजूद भी यह संभव नहीं हो पाया। इसलिए जिन कर्मचारियों का ब्योरा उपलब्ध नहीं है, उनका मानव संपदा पोर्टल पर डिटेल अपलोड करने के लिए सरकार को उचित व्यवस्था करनी चाहिए। उसके बावजूद यदि कोई कर्मचारी ब्यौरा उपलब्ध नहीं कराता है तो उसको चेतावनी देने के बाद ही वेतन रोका जाये।
सरकार से मानवीय दृष्टिकोण अपनाने का अनुरोध
परिषद के महामंत्री अतुल मिश्रा ने मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव से अनुरोध किया है कि उपरोक्त प्रकरण पर मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए व होली जैसे महापर्व को दृष्टिगत रखते हुये होली के पूर्व वेतन भुगतान करने के लिए निर्देशित। किया जाए। जिससे सरकार के इस निर्णय का दंश कर्मचारियों के परिवार को सामाजिक रूप से न झेलना पड़े।
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