UP में हरित भविष्य पर जोर, पर्यावरण निदेशालय व आई- फॉरेस्ट ने मिलाया हाथ
MOU में दोनों विभागीय मंत्री और मुख्य सचिव रहें मौजूद
Indinewsline, Lucknow: मुकेश कुमार
उत्तर प्रदेश सरकार ने पर्यावरणीय स्थिरता और जलवायु परिवर्तन से निपटने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार के पर्यावरण निदेशालय ने इंटरनेशनल फोरम फॉर एनवायरनमेंट, सस्टेनेबिलिटी एंड टेक्नोलॉजी (आई- फॉरेस्ट) के साथ गुरुवार को MOU किया। इसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश में सतत विकास को बढ़ावा देना और प्रदूषण की समस्या का निवारण करना है।
यहां हुआ MOU, दोनों विभागीय मंत्री और मुख्य सचिव रहें मौजूद
पर्यावरण निदेशालय कार्यालय में पर्यावरण, वन व जलवायु परिवर्तन विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना, राज्यमंत्री के.पी. मलिक, मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह की मौजूदगी में यह MOU हुआ। MOU पर आई फारेस्ट के सीईओ चंद्रभूषण और पर्यावरण निदेशालय के निदेशक सुशांत शर्मा ने हस्ताक्षर किए।
यह MOU प्रमुख पर्यावरणीय चुनौतियों पर होगा केंद्रित
तीन वर्षीय यह MOU प्रमुख पर्यावरणीय चुनौतियों पर केंद्रित होगा, जिसमें वायु प्रदूषण नियंत्रण, कचरा प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन की समस्या के लिए समाधान विकसित करना शामिल है। यह उत्तर प्रदेश में हरित ऊर्जा, उद्योगों और शहरों के सतत् विकास को प्रोत्साहित करेगा।
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पर्यावरण निदेशालय कार्यालय में पर्यावरण, वन व जलवायु परिवर्तन विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना, राज्यमंत्री के.पी. मलिक, मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह की मौजूदगी में यह MOU हुआ। MOU पर आई फारेस्ट के सीईओ चंद्रभूषण और पर्यावरण निदेशालय के निदेशक सुशांत शर्मा ने हस्ताक्षर किए।
तीन वर्षीय यह MOU प्रमुख पर्यावरणीय चुनौतियों पर केंद्रित होगा, जिसमें वायु प्रदूषण नियंत्रण, कचरा प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन की समस्या के लिए समाधान विकसित करना शामिल है। यह उत्तर प्रदेश में हरित ऊर्जा, उद्योगों और शहरों के सतत् विकास को प्रोत्साहित करेगा।
वन व पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने कहा कि उत्तर प्रदेश अद्वितीय और जटिल पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना कर रहा है। हमारी सरकार वायु गुणवत्ता में सुधार, औद्योगिक उत्सर्जन को नियंत्रित करने और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न पहल में अग्रणी रही है। इस साझेदारी के माध्यम से हम नई तकनीकों और समाधानों का अन्वेषण करेंगे, ताकि प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से समाधान किया जा सके।
विभाग के प्रमुख सचिव अनिल कुमार ने कहा कि यह सहयोग वायु प्रदूषण प्रबंधन, हरित उद्योगों के विकास, हीटवेव जैसी जलवायु चुनौतियों के लिए शहरों की तैयारी और जलवायु नीतियों को सुदृढ़ करने में सहायक होगा। आई फॉरेस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. चंद्रभूषण ने इस साझेदारी की रूपरेखा प्रस्तुत की।