सोनभद्र में आदिवासियों के साथ अन्याय, नहीं बन सका नायकों का स्मारक, फिर उठी मांग

नायकों के परिवारों को भी लाभ प्रदान करने की मांग

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Sonbhadra: ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट (AIPF) ने सोनभद्र जिले के आजादी आंदोलन के आदिवासी नायकों विशेषकर बभनी के घघरा गांव के स्वर्गीय शनिचर राम खरवार और चौवना के स्वर्गीय रामेश्वर सिंह खरवार की तत्काल स्मारक बनाने की मांग की है, ताकि इन्हें उचित सम्मान मिल सके। साथ ही इनके परिवारों को भी लाभ प्रदान करने की बात कही गई है।

खरवार समाज की बैठक में जिला सचिव ने सांसद को दिया पत्र

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यह मांग बुधवार को बभनी के घघरा गांव में आयोजित खरवार समाज की बैठक में मौजूद राबर्ट्सगंज सांसद छोटेलाल सिंह खरवार को AIPF के जिला सचिव इंद्रदेव सिंह खरवार ने पत्र देकर की। उन्होंने सांसद को बताया कि जनपद में आदिवासियों के साथ बड़ा अन्याय हो रहा है। बार-बार निवेदन के बावजूद स्वतंत्रता संग्राम में जेल गए आदिवासी नायकों को आजादी के अमृत काल में भी सम्मान नहीं दिया जा रहा। यहां तक कि उनका स्मारक तक नहीं बनाया गया। जबकि इस बाबत तमाम जनप्रतिनिधियों ने सरकार से अनुरोध किया है।

पंचायत चुनाव में भी नहीं मिली पूरी भागीदारी

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जिला सचिव श्री खरवार ने सांसद को बताया कि जनपद में आदिवासियों की जनसंख्या के अनुरूप उनके लिए पंचायत चुनाव में सीट आरक्षित नहीं की गई है। इसके कारण बेहद कम आदिवासी प्रतिनिधि पंचायत में चुनाव लड़ पा रहे हैं। यह भी सांसद के संज्ञान में लाया गया कि 1961 से पहले जनगणना में आदिवासी धर्म का कालम था और यह इसलिए था, क्योंकि आदिवासी प्रकृति के उपासक हैं। उनका अपना धर्म, बोली, भाषा, परंपरा, संस्कृति, संस्कार और रीति रिवाज हैं। लेकिन उसके बाद जनगणना में आदिवासी धर्म के कोड को खत्म कर दिया गया। इसलिए अप्रैल से शुरू हो रही जनगणना में आदिवासी धर्म कोड को भी शामिल करने के लिए संसद में आवाज उठाने का अनुरोध भी किया गया।

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