लखनऊ में वरिष्ठ पत्रकार को रोडवेज बस ने कुचला, साथी की मौत से फैली शोक की लहर

लोहिया पथ पर पीछे से आ रही रोडवेज बस ने मारी टक्कर

459

इंडिन्यूज लाइन, लखनऊ:
लखनऊ में लोहिया पथ पर वरिष्ठ पत्रकार को रोडवेज बस ने कुचल दिया। गंभीर हालत में पुलिस ने सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद रोडवेज बस चालक भाग निकला।

लोहिया पथ पर पीछे से आ रही रोडवेज बस ने मारी टक्कर

गोमतीनगर पत्रकारपुरम निवासी वरिष्ठ पत्रकार दिलीप सिन्हा (60) गुरुवार दोपहर करीब तीन बजे स्कूटी से 1090 चौराहे से गोल्फ क्लब चौराहे की ओर जा रहे थे। लोहिया पथ पर पीछे से आ रही तेज रफ्तार रोडवेज बस कुचलते हुए पार हो गई। लोगों ने शोर मचाया, लेकिन बस चालक रुका नहीं। पुलिस ने लहूलुहान हालत में दिलीप सिन्हा को सिविल अस्पताल पहुंचाया। उनके पास से मिले दस्तावेज की मदद से पुलिस ने उनके परिजनों को घटना की सूचना दी। खबर पाकर परिजन मौके पहुंचे।

हादसा करने वाले बस की हुई पहचान, जल्द होगा मुकदमा

ACP हजरतगंज विकास जायसवाल ने बताया कि सीसीटीवी कैमरे की मदद से टक्कर मारने वाली रोडवेज बस का पता लगा लिया गया है। बलरामपुर डिपो की बस है। परिजनों की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज किया जाएगा। रोडवेज प्रशासन से बस चालक के बारे में डिटेल मांगी गई है।

राज्य मान्यता पसमिति के कार्यकारिणी सदस्य भी थे दिलीप सिन्हा

दिलीप सिन्हा उत्तर प्रदेश राज्य मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति के कार्यकारिणी सदस्य भी थे। श्री सिन्हा अपने पीछे पत्नी और दो बेटियों को छोड़ गए है। वह वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गीय गुरुदेव नारायण के भतीजे थे।

विधानसभा अध्यक्ष समेत सभी ने जताया शोक

विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने वरिष्ठ पत्रकार दिलीप सिन्हा के निधन पर शोक जताते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। साथ ही उनके परिवारजनों को यह अपार दु:ख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना भी की। कहा कि उनके निधन से पत्रकारिता जगत को अपूरणीय क्षति हुई है। वहीं डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या ने भी शोक जताया।

पत्रकारिता जगत की एक सशक्त, निर्भीक और समर्पित आवाज थे दिलीप सिन्हा

अध्यक्ष ने कहा कि श्री दिलीप सिन्हा पत्रकारिता जगत की एक सशक्त, निर्भीक और समर्पित आवाज थे। उन्होंने दशकों तक अपनी कलम से जनसरोकारों को प्राथमिकता देते हुए समाज और शासन के बीच सेतु का कार्य किया। उनके विचारपूर्ण लेख, विश्लेषण और समाचारों ने पत्रकारिता को नई दिशा दी और पाठकों में जागरूकता का भाव उत्पन्न किया। श्री सिन्हा का स्नेहिल स्वभाव, सरल व्यक्तित्व और कर्मनिष्ठ दृष्टि सदैव स्मरणीय रहेगी।

बेहद कष्टदायक, मेरे लिए यह निजी वज्राघात

राज्य मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति के अध्यक्ष हेमंत तिवारी ने शोक जताते हुए लिखा कि बेहद कष्टदायक, मेरे लिए यह निजी वज्राघात है। मंगलवार को मेरे साथ वह करीब चार घंटे तक बैठे रहे और गुरूवार शाम प्रेस रूम से लौटते समय मिलने को कह कर गए थे। यूपी वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन (यूपीडब्लूजेयू) अध्यक्ष टीबी सिंह समेत कई साथियों ने दिलीप के निधन पर शोक जताया।

अपने साथियों की मदद के लिये तत्पर रहते थे दिलीप सिन्हा

कई समाचार पत्र के संपादक रहे मृदभाषी पत्रकार सदैव अपने साथियों की मदद के लिये तत्पर रहते थे और सूचना प्रसार तंत्रों के माध्यम से पत्रकार हित से जुड़ी हर सूचना को साझा करते थे। यूपीडब्लूजेयू अध्यक्ष टीबी सिंह ने संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि अपने मिलनसार व मददगार व्यवहार के चलते दिलीप सिन्हा पत्रकारों के बीच खासे लोकप्रिय थे और लगातार कई दशकों से मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति में निर्वाचित होते रहे। शाम को उनका शव पोस्टमार्टम के लिए केजीएमयू भेजा गया। देररात तक पुलिस को कोई भी तहरीर नहीं मिली थी। उनकी अंतिम यात्रा शुक्रवार को उनके आवास 3/31, पत्रकारपुरम से शुरू होगी। श्री सिन्हा का अंतिम संस्कार सुबह 10.30 को बैकुंठ धाम भैंसाकुंड में होगा।

Comments are closed.