PM मोदी ने किया सूरत में अंडर-कंस्ट्रक्शन बुलेट ट्रेन स्टेशन का निरीक्षण

मुंबई–अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट की प्रगति की समीक्षा

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नई दिल्ली, 16 नवंबर

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को गुजरात के सूरत स्थित अंडर-कंस्ट्रक्शन बुलेट ट्रेन स्टेशन का दौरा कर भारत की पहली हाई-स्पीड रेल (बुलेट ट्रेन) परियोजना की प्रगति का जायज़ा लिया। उन्होंने मुंबई–अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (MAHSR) में चल रहे निर्माण कार्यों, तकनीकी प्रक्रियाओं और लक्ष्यों की विस्तृत जानकारी ली।

प्रधानमंत्री ने परियोजना पर काम कर रही टीम के इंजीनियरों और कर्मचारियों से बातचीत की और उनसे प्रगति, चुनौतियों तथा समय-सीमा की स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त की। कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री को आश्वस्त किया कि परियोजना बिना किसी बाधा के सुचारू रूप से आगे बढ़ रही है।

तकनीकी नवाचार पर जोर—रोबोटिक यूनिट्स का उपयोग

केरल की एक इंजीनियर ने प्रधानमंत्री को नवसारी स्थित नॉइज़ बैरियर फैक्ट्री में हो रहे अत्याधुनिक निर्माण कार्यों के बारे में बताया, जहाँ रिबार केज वेल्डिंग के लिए रोबोटिक यूनिट्स का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना से जुड़ना उनके लिए “ड्रीम प्रोजेक्ट” जैसा है और उनके परिवार के लिए भी यह गौरव का क्षण है।

राष्ट्र के लिए काम करने की प्रेरणा ही सबसे बड़ी शक्ति—पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने इंजीनियरों की भावनाओं को सराहते हुए कहा कि जब देश के लिए कुछ नया करने का भाव मन में आता है, तो वही सबसे बड़ी प्रेरणा बन जाता है। उन्होंने भारत की अंतरिक्ष यात्रा का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे पहले उपग्रह लॉन्च करने वाले वैज्ञानिकों की भावनाएँ ऐतिहासिक थीं, आज उसी रास्ते पर चलते हुए देश निरंतर आगे बढ़ रहा है।

“ब्लू बुक” की सलाह—सीखों का दस्तावेजीकरण देश को देगा गति

बेंगलुरु की इंजीनियर श्रुति ने डिजाइन और इंजीनियरिंग की कठोर प्रक्रियाओं पर विस्तार से जानकारी दी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि इस परियोजना से मिलने वाली सीखों को “ब्लू बुक” की तरह दर्ज किया जाए, तो देश में आने वाली हाई-स्पीड रेल परियोजनाओं को तेज़ी से आगे बढ़ाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि भारत को बार-बार प्रयोग करने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि एक सफल मॉडल को पूरे देश में दोहराने की जरूरत है—लेकिन तभी जब यह स्पष्ट हो कि कौन-सा कदम क्यों उठाया गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे दस्तावेज़ भविष्य के छात्रों और इंजीनियरों के लिए भी मूल्यवान होंगे।

कर्मचारी ने पढ़ी कविता, प्रधानमंत्री ने की सराहना

दौरान मुलाकात एक कर्मचारी ने अपने अनुभवों को कविता के माध्यम से व्यक्त किया, जिस पर प्रधानमंत्री ने उनकी सराहना करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया।

इस अवसर पर केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव भी उपस्थित रहे।


पृष्ठभूमि: देश की पहली हाई-स्पीड रेल परियोजना का नया अध्याय

मुंबई–अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर लगभग 508 किलोमीटर लंबा है, जिसमें 352 किमी गुजरात और दादरा-नगर हवेली, तथा 156 किमी महाराष्ट्र में आता है। यह कॉरिडोर अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत, विरार और मुंबई सहित कई प्रमुख शहरों को जोड़ेगा।

परियोजना की प्रमुख विशेषताएँ—

  • 465 किमी रूट (85%) वायाडक्ट पर

  • 17 में से 25 नदी पुल पूरे

  • 326 किमी वायाडक्ट निर्मित

  • पूर्ण होने पर सिर्फ दो घंटे में मुंबई–अहमदाबाद यात्रा संभव

यह परियोजना व्यवसाय, पर्यटन व औद्योगिक विकास को नई दिशा देने की क्षमता रखती है।

सूरत–बिलिमोरा सेक्शन लगभग तैयार

करीब 47 किमी का यह हिस्सा उन्नत अवस्था में पहुँच चुका है। यहाँ सिविल वर्क और ट्रैक-बेड बिछाने का कार्य पूरा हो चुका है। सूरत स्टेशन का डिज़ाइन शहर की विश्व प्रसिद्ध डायमंड इंडस्ट्री से प्रेरित है और इसे आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है।

स्टेशन पर—

  • विशाल वेटिंग लाउंज

  • आधुनिक रेस्ट रूम

  • रिटेल आउटलेट्स

  • सूरत मेट्रो, बस और इंडियन रेलवे से मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी
    उपलब्ध होगी।

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