बदायूं के अस्पताल में नवजातों की मौत के जिम्मेदारों पर दर्ज हो हत्या का मुकदमा: संजय सिंह

क्या सीएम वेंटिलेटर को चलाने के लिए प्रशिक्षित कर्मचारी रखने में भी सक्षम नहीं हैं!

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इंडिन्यूज लाइन, लखनऊ:
राज्यसभा सांसद व आम आदमी पार्टी के यूपी प्रभारी संजय सिंह ने बदायूं के जिला महिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में शनिवार को 12 घंटे के भीतर चार नवजातों की मौत के जिम्मेदारों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करते हुए कार्रवाई करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि मैं प्रदेश के मुख्यमंत्री से पूछना चाहता हूं कि क्या वह 20 लाख रुपए की एक मशीन (वेंटिलेटर) को चलाने के लिए प्रशिक्षित कर्मचारी रखने में भी सक्षम नहीं है।

भाजपा सरकार के पास अपने दोस्तों पर लुटाने के लिए लाखों- करोड़ों रुपए!

लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में मंगलवार को प्रेस वार्ता के दौरान संजय सिंह ने बताया कि बदायूं के महिला अस्पताल में गंभीर अवस्था में भर्ती होने वाले नवजात शिशुओं को वेंटिलेटर की मदद से जीवित रखकर इलाज किया जाता है, लेकिन बहुत दुख के साथ यह कहना पड़ रहा है कि जिस भाजपा सरकार के पास अपने दोस्तों के ऊपर लुटाने के लिए लाखों करोड़ों रुपए हैं, वह भाजपा की डबल इंजन सरकार उत्तर प्रदेश में नवजात बच्चों को वेंटिलेटर का सपोर्ट नहीं दे पा रही है।

महिला अस्पताल की डॉक्टर का बयान बेहद हास्यास्पद
आप नेता संजय सिंह ने इस मुद्दे पर महिला अस्पताल की डॉक्टर के बयान को बेहद हास्यास्पद बताया। संजय सिंह ने डॉक्टर का हवाला देते हुए कहा कि तीन साल पहले अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती हुए नवजात बच्चों की जान बचाने के लिए वेंटिलेटर लगाए गए थे, जिसे चलाने के लिए प्रशिक्षितों की जरूरत थी। लेकिन संवेदनहीनता की हद देखिए कि उस प्रशिक्षण का कार्य ही तीन साल तक नहीं हो पाया। जिसके चलते वह मशीन कबाड़ में चली गई और हर महीने 25 से 30 बच्चे वेंटीलेटर के सपोर्ट ना मिलने के कारण मरते रहे। उन्होंने बताया कि पिछले साल दिसंबर के महीने में 40 बच्चे भी इस लापरवाही के चलते मर गए।

वेंटिलेटर न मिलने से हर महीने हो रही 25 से 30 नवजात बच्चों की मौत
पिछले दिनों समाचार पत्रों में छपी खबरों का हवाला देते हुए संजय सिंह ने कहा की 25 से 30 नवजात बच्चों की मौत वेंटिलेटर का सपोर्ट ना मिलने के कारण हर महीने हो रही है। वहीं संजय सिंह ने सुल्तानपुर की घटना का हवाला देते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य व्यवस्था इस हद तक चरमरा गई है कि वहां के अस्पताल में एक्सरे की रिपोर्ट कागज पर प्रिंट करके दी जा रही है।

आयुष्मान योजना में 6,239 मरीजों के नाम से 10 करोड़ का घोटाला
राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा की केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना में 6,239 मरीजों के नाम से 10 करोड़ रुपए डकार लिए गए। उन्होंने बताया कि एक घोटाला 39 अस्पतालों में किया गया है। राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने हजरतगंज थाने में लिखी गई एफआईआर की रिपोर्ट का हवाला दिया। 6239 लोगों के नाम, उनके कार्ड और उनकी बीमारी का जिक्र करके 39 अस्पतालों में पैसा ट्रांसफर कर 10 करोड रुपए का घोटाला कर लिया गया।

योगी सरकार ने महाकुंभ भगदड़ में जान गवाने वालों का आंकड़ा छिपाया
संजय सिंह ने आरोप लगाया कि योगी सरकार ने महाकुंभ भगदड़ में जान गवाने वालों का आंकड़ा छिपाया। कहा कि महाकुंभ में होने वाली भगदड़ में सरकारी आंकड़ों के अनुसार 37 लोगों की मौत की पुष्टि हुई जबकि एक जिम्मेदार चैनल की रिपोर्ट के अनुसार 82 लोगों की मौत की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है।

कुंभ भगदड़ में संघ के प्रचारक रहे के एन गोविंदाचार्य के छोटे भाई की भी हुई थी मौत
सांसद संजय सिंह ने बताया कि भगदड़ से हुई मौतों में एक नाम ऐसा है जिसको सुनकर आप लोग चौंक जाएंगे। उन्होंने कहा कि कुंभ भगदड़ में मारे गए जिस एक मृतक के लावारिस होने का जिक्र यूपी सरकार ने किया है। उनका नाम के एन वासुदेवाचार्य है। वे बीजेपी के पूर्व महासचिव और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक रहे के एन गोविंदाचार्य के छोटे भाई थे। आश्चर्यजनक रूप से उनका कोई वारिस नहीं होने के कारण मुआवजा राशि भी जारी नहीं की गई है। सांसद संजय सिंह ने कहा कि मैं पूछना चाहता हूं भाजपा की आदित्यनाथ सरकार से की क्या आपको जरा सी भी शर्म नहीं है।

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