Lucknow: विवेकानन्द पॉलीक्लीनिक के डॉक्टरों ने फेफडे़ की जटिल सर्जरी कर बचाई मरीज की जान
संस्थान के सचिव स्वामी मुक्तिनाथानानंद ने इस चुनौतीपूर्ण सर्जरी की सफलता पर डॉक्टरों को दी बधाई
Lucknow: IT चौराहा स्थित विवेकानंद पॉलीक्लीनिक के डॉक्टरों ने मरीज के फेफड़े की जटिल सर्जरी कर उसकी जान बचाई है। संस्थान के सचिव स्वामी मुक्तिनाथानानंद ने इस चुनौतीपूर्ण सर्जरी की सफलता पर कार्डियोवैस्कुलर थोरेसिक सर्जन डॉ. भवतोष बिस्वास और उनकी पूरी टीम को बधाई दी है।
खांसी और सांस लेने में तकलीफ से परेशान मरीज पहुंचा विवेकानंद अस्पताल
सुल्तानपुर निवासी 51 वर्षीय मुन्ना को कई वर्षों से खासी और सांस लेने में तकलीफ थी। डॉक्टर टी.बी. का इलाज करते रहे मगर ऐसे में मरीज मुन्ना की दिक्कतें बढती ही जा रही थी। ऐसे में मरीज मुन्ना यहां विवेकानन्द अस्पताल में विशेषज्ञ कार्डियोवैस्कुलर थोरेसिक सर्जन डॉ. भवतोष बिस्वास को अपना इलाज कराने पहुंचा। सम्पर्क में आने के बाद डॉ. भवतोष बिस्वास ने मरीज का तत्काल सी.टी. स्कैन एवं चेस्ट का X-ray कराया।
जांच रिपोर्ट आने के बाद मरीज की असली बीमारी की हुई पहचान
रिपोर्ट आने पर पता चला कि मरीज के दाएं फेफडे़ में फंगल इन्फेक्शन है जो बढ़कर फेफडे़ के तीनों ब्लाक्स में फैल गया है। डाक्टरों की चुनौती तब बढ़ गई जब देखा गया कि फंगल
इन्फेक्शन निचले लोब्स में फंगल बॉल की तरह बना हुआ था और आपरेशन में बहुत सावधानी के साथ रक्तवाहिनीयों, ट्रेकिया तथा हृदय को बचाते हुए इस फंगल बॉल को निकाला जाना था।
टीम ने इस चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन को करने का लिया निर्णय
डॉ. भवतोष बिस्वास, पल्मनोलॉजिस्ट डॉ. मोहम्मद आमिर और उनकी टीम ने इस चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन को करने का निर्णय लिया, जिससे मरीज की जान बचाई जा सके। पांच घण्टे तक चले आपरेशन के बाद मरीज के फेफडे़ से सफलतापूर्वक फंगल बॉल को फेफडे़ के तीनो ब्लॉक्स से निकाल दिया गया और मरीज को जीवन दान मिल सका।
जटिल सर्जरी को डॉ. भवतोष विश्वास और उनकी टीम ने सफलता पूर्वक किया
विवेकानंद पॉलीक्लिनिक एवं आयुर्विज्ञान संस्थान के सचिव स्वामी मुक्तिनाथानानंद ने इस चुनौतीपूर्ण सर्जरी की सफलता पर कार्डियोवैस्कुलर थोरेसिक सर्जन डॉ. भवतोष बिस्वास और उनकी पूरी टीम को बधाई दी है। बताया कि यह एक जटिल सर्जरी थी, जिसे डॉ. भवतोष विश्वास और उनकी टीम ने सफलता पूर्वक किया। स्वामी मुक्तिनाथानानंद ने बताया कि विवेकानंद अस्पताल हमेशा मरीज को नारायण सेवा मानते हुए निरंतर सेवा कार्य करते आ रहा है।
Comments are closed.