लखनऊ की पूर्व महापौर संयुक्ता भाटिया की मां का निधन, बंटवारे पर रजाई में छुपकर पाकिस्तान से आई थी भारत
संयुक्ता भाटिया ने अपनी माँ के नाम पर ही KGMU में 'अनसुईया रसोई' का किया था शुभारम्भ
इंडिन्यूज लाइन, लखनऊ:
लखनऊ की पूर्व महापौर संयुक्ता भाटिया की मां अनसुईया गिरोत्रा का स्वर्गवास हो गया। वह 99 वर्ष की थी। उन्होंने जनपद बस्ती में परिवार के बीच अंतिम सांस ली।
अपनी माँ के नाम पर ही ‘अनसुईया रसोई’ का किया था शुभारम्भ
महापौर रहते हुए संयुक्ता भाटिया ने अपनी माँ के नाम पर ही ‘अनसुईया रसोई’ का शुभारम्भ किया था। जिसमें लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के ट्रॉमा सेंटर में दूर दराज से आए बीमार मजलूम और तिमारदारों को मात्र ₹10 रुपये में भरपेट भोजन उपलब्ध कराया गया था।
संयुक्ता भाटिया का कहना था कि कठिन परिस्थितियों में भोजन व्यवस्था एक अति महत्वपूर्ण विषय होता है और वह स्वयं बचपन में इसका एहसास कर चुकी थी।
नाना और माता अनसुईया गिरोत्रा ने पाकिस्तान से भारत का सफर पैदल तय किया
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महापौर रहते हुए संयुक्ता भाटिया ने अपनी माँ के नाम पर ही ‘अनसुईया रसोई’ का शुभारम्भ किया था। जिसमें लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के ट्रॉमा सेंटर में दूर दराज से आए बीमार मजलूम और तिमारदारों को मात्र ₹10 रुपये में भरपेट भोजन उपलब्ध कराया गया था।
पूर्व महापौर संयुक्ता भाटिया जब मात्र 9 माह की थी तब भारत विभाजन के समय उपजी मजहबी हिंसा के कारण उनके नाना और माता अनसुईया गिरोत्रा तब भारत (पंजाब) (अब पाकिस्तान) के लायलपुर जिला के झंग शहर से रात्रि में अपने धन-दौलत, जमीन-जायदाद सब कुछ छोड़ कर विस्थापित हो गई थी और पाकिस्तान से भारत का सफर पैदल तय किया था।