Lucknow: देश का 9वां केंद्रीय बजट कार्यदायी संस्थाओं के तहत काम करने वाले सबसे निचले स्तर के श्रमिकों व कर्मचारियों के लिए निराशाजनक है। साथ ही यह बजट इनके एवं इनके परिवार की सामाजिक सुरक्षा पर भी कुठाराघात की नीति का परिचायक है। इसे लेकर नगर निगम कर्मचारी संघ लखनऊ के पदाधिकारी चिंतित है।
बजट पर कर्मचारी हितों को लेकर चर्चा
निगम स्थित संगठन कार्यालय में रविवार को अध्यक्ष आनंद वर्मा के साथ बैठक में पदाधिकारियों ने बजट पर कर्मचारी हितों को लेकर चर्चा की। आनंद वर्मा ने Budget- 2026 पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि निचले तबके के कार्यदायी श्रमिकों को जीने लायक पारिश्रमिक, इलाज तथा उनके परिवार की सामाजिक सुरक्षा, चिकित्सा एवं शिक्षा को भी नजर अंदाज किया गया।
पदोन्नति, नियमित नियुक्ति तथा वेतन पर भी नहीं हुआ कोई निर्णय

श्री वर्मा ने कहा कि बजट में नियमित शिक्षित/पात्र चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पदोन्नति, नियमित नियुक्ति तथा वेतन पर भी वर्तमान परिवेश के अनुरूप कोई भी निर्णय नहीं लिया गया। इससे उनका भविष्य अंधकार में है। कर्मचारी नेताओं में पुरानी पेंशन को लेकर भी कोई निर्णय नहीं लिए जाने पर निराशा देखने को मिली।
कर्मचारियों की चिकित्सा सुविधा भी जस की तस
बजट में सभी संवर्ग के कर्मचारियों की चिकित्सा सुविधा का भी सरलीकरण नहीं किया गया। इससे कार्यरत एवं सेवानिवृत्त कर्मचारियों की स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव पड़ने पर चिंता व्यक्त की गई।
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