संसद से सड़क तक प्रदूषण पर हंगामा, लेकिन द्वारका मोड़ पर निजी अस्पताल का सड़क पर कब्जा जारी

एक नहीं पांच लेयर में खड़ी कर रहे गाड़ी, सड़क पर चला रहे अवैध पार्किंग 

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दिल्ली 

दिल्ली में प्रदूषण को लेकर संसद से सड़क तक हंगामा मचा है। सरकार अभियान चला रही है, विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं और जनता सांसों पर रोक लगाए जी रही है, लेकिन इसी दिल्ली में द्वारका मोड़ पर एक निजी अस्पताल ने सड़क और फुटपाथ पर ऐसा अवैध कब्जा कर रखा है कि रोजाना हजारों लोग जाम से त्रस्त हैं।

द्वारका मोड़ राजधानी का सबसे व्यस्त ट्रैफिक पॉइंट है, जहां से रोज लगभग एक लाख वाहन गुजरते हैं। लेकिन यहां एक निजी अस्पताल ने फुटपाथ पर अवैध पार्किंग कर रखी है। इतना ही नहीं, सड़क पर एक के बाद एक चार–पांच गाड़ियां खड़ी कर आधी सड़क घेर ली जाती है, जिससे हर दिन भारी जाम लगता है। सुबह के समय द्वारका मोड़ से नजफगढ़ नाले तक जाम की स्थिति बनी रहती है। इस जगह पर गाड़ियां रहती हुई दिखाई।

वहीं दूसरी तरफ द्वारका एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद पानीपत और आसपास के शहरों से आने-जाने वाले वाहनों की संख्या और बढ़ गई है। लोग उत्तमनगर और मोतीनगर की तरफ जाने के लिए इसी रास्ते का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन अस्पताल का यह कब्जा पूरे मार्ग को जाम का स्थायी केंद्र बना चुका है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि अस्पताल को प्रशासन का संरक्षण प्राप्त है। शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होती, न कोई स्थल निरीक्षण, न पार्किंग हटाने की कोशिश। परिणाम जाम, प्रदूषण और जनता की रोजमर्रा की परेशानी।

एक ओर दिल्ली सरकार और केंद्र प्रदूषण नियंत्रण को लेकर सक्रिय दिखाई देते हैं, वहीं दूसरी ओर राजधानी में ही अवैध पार्किंग और सड़क कब्जे पर कार्रवाई न होना सवाल खड़े करता है। जाम से बढ़ता धुआं, बढ़ता प्रदूषण सबसे पहले यहीं से पैदा होता है, लेकिन इस ओर ध्यान देने वाला कोई नहीं।

इस पूरे घटनाक्रम पर स्थानीय लोग सिर्फ एक बात कह रहे हैं—
“जब सैयाँ भई कोतवाल, तो डर काहे का… अस्पताल सड़क घेर कर बेखौफ पार्किंग कर रहा है और प्रशासन आंखें बंद किए बैठा है।”

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