भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप, जाने क्या है पूरा मामला

आप नेताओं ने कहा– “सरकारी अस्पतालों को बर्बाद कर प्राइवेट अस्पतालों को फायदा पहुंचा रही है भाजपा”

35

नई दिल्ली, 

दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि पिछले आठ महीनों में सरकारी अस्पतालों की हालत बदतर कर दी गई है। आप नेताओं ने दावा किया कि भाजपा जानबूझकर दवाओं, सर्जिकल उपकरणों और ग्लव्स जैसी जरूरी सामग्रियों की कमी कर रही है ताकि मरीज मजबूरी में निजी अस्पतालों का रुख करें।

आप दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने प्रेस वार्ता में कहा, “केजरीवाल सरकार के समय दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में सभी दवाएं और जांचें मुफ्त होती थीं। मरीजों को बाहर से दवाएं नहीं खरीदनी पड़ती थीं। लेकिन भाजपा सरकार के आठ महीनों में हालात इतने खराब हो गए हैं कि अब स्ट्रेचर तक के लिए लोग परेशान हैं।”

उन्होंने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने अस्पतालों को स्थानीय स्तर पर दवा खरीद की अनुमति रोक दी है। नतीजा यह है कि सरकारी अस्पतालों में हाहाकार मचा हुआ है और मरीजों को निजी अस्पतालों की ओर धकेला जा रहा है। भारद्वाज ने कहा कि भाजपा सरकार ने दिल्ली आरोग्य कोष का 80 करोड़ का सालाना बजट भी शून्य कर दिया है, जिससे “फरिश्ते योजना” समेत कई सुविधाएं बंद हो गईं।

वहीं, आप के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, “भाजपा ने 6 महीनों में ही दिल्ली के अस्पतालों का क्या हाल कर दिया है। आज मरीज दवाइयों, स्ट्रेचर और ग्लव्स तक के लिए तरस रहे हैं। यह वही दिल्ली है जहाँ अरविंद केजरीवाल सरकार ने सुनिश्चित किया था कि किसी को भी सरकारी अस्पताल से बाहर जाकर दवा न खरीदनी पड़े।”

आप नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर हालात जल्द नहीं सुधरे तो दिल्ली की स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह निजी हाथों में चली जाएँगी, जिससे आम आदमी को इलाज करवाना बेहद महँगा पड़ेगा।

 

Comments are closed.