बेहतर समन्वय से बनेगा भविष्य का फार्मा इकोसिस्टम- सुनील यादव

शिक्षा, उद्योग, नवाचार, रेगुलेटरी और फार्मेसी प्रैक्टिस के बेहतर और लगातार समन्वय की जरूरत

23

National Pharmacy Education Day: देश में फार्मेसी शिक्षा के जनक प्रो. एम. एल. श्रॉफ (प्रो. महादेव लाल श्रॉफ) के जन्मदिन के अवसर पर शुक्रवार को पूरे प्रदेश के सभी शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों, फार्मेसी संस्थानों, उद्योगों आदि में नेशनल फार्मेसी एजुकेशन डे मनाया गया।

लखनऊ में फार्मासिस्ट फेडरेशन ने प्रो. श्रॉफ के संघर्षों को किया याद

इस अवसर पर लखनऊ में फार्मासिस्ट फेडरेशन ने प्रो. श्रॉफ के जीवन और उनके संघर्षों को याद किया। फेडरेशन द्वारा प्रो. एम. एल. श्रॉफ के बारे में लेखन और पोस्टर ईमेल पर आमंत्रित किए गए, जिस पर सैकड़ों लेख पोस्टर आए हैं, स्क्रीनिंग कमेटी द्वारा परीक्षण उपरांत उसमें श्रेष्ठता क्रम निर्धारित कर सभी को प्रमाण-पत्र दिए जाएंगे।

भारत में फार्मेसी शिक्षा को बढ़ाने में प्रो. श्रॉफ का महत्वपूर्ण योगदान

स्टेट फार्मेसी काउंसिल उत्तर प्रदेश के पूर्व चेयरमैन और फार्मेसिस्ट फेडरेशन के अध्यक्ष सुनील यादव ने कहा कि फार्मेसी काउंसिल आफ इंडिया द्वारा प्रो. श्रॉफ के जन्मदिन 6 मार्च को “नेशनल फार्मेसी एजुकेशन डे” घोषित किया गया है। उन्होंने भारत में फार्मेसी शिक्षा को प्रारंभ कर उसे बढ़ाने में महत्वपूर्ण और उल्लेखनीय योगदान दिया। इसलिए आज उनके प्रयासों को याद करने का दिन है।

फार्मास्युटिकल एसोसिएशन के गठन आदि में प्रो. श्रॉफ ने निभाई अहम भूमिका

फेडरेशन के संयोजक और फीपो के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष के.के. सचान ने कहा कि भारत में फार्मेसी शिक्षा के साथ ही इंडियन फार्मास्युटिकल एसोसिएशन के गठन आदि में प्रो. श्रॉफ का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने मानव समाज पर दवाओं के कुप्रभाव को रोकने के लिए pharmacovigilance को अनिवार्य करने का अनुरोध किया था।

ड्रग्स इंक्वायरी कमेटी की रिपोर्ट की सिफारिशों को बहुत गंभीरता से लिया

रिटायर विंग के अध्यक्ष जय सिंह सचान ने कहा कि बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में प्रो. श्रॉफ ने फार्मेसी को अपने जीवन के सबसे महत्वपूर्ण मिशन के रूप में अपनाया। 1931 में ड्रग्स इंक्वायरी कमेटी की रिपोर्ट पेश की गई। श्रॉफ ने ड्रग्स इंक्वायरी कमेटी की रिपोर्ट की सिफारिशों को बहुत गंभीरता से लिया और इस विशाल देश में फार्मास्युटिकल उद्योग की उज्ज्वल संभावनाओं की कल्पना की।

पेशे के रूप में लगभग न के बराबर थी फार्मेसी

यूथ विंग के अध्यक्ष आदेश ने कहा कि 1932 में जब भारत में विज्ञान और संगठित पेशे के रूप में फार्मेसी लगभग न के बराबर थी, तब वे मालवीय जी को भारत में औषधि विज्ञान की महान संभावनाओं के बारे में समझा सके। महान दूरदर्शी मालवीय जी को इसके महत्व का एहसास होने में देर नहीं लगी और उनके संरक्षण में प्रो. श्रॉफ ने भारत में फार्मास्युटिकल शिक्षा के आयोजन का अपना कार्य शुरू किया। यहां तक कि उन्होंने इस परियोजना के लिए धन इकट्ठा करना भी शुरू कर दिया।

BHU में पहली बार फार्मास्युटिकल केमिस्ट्री शिक्षा स्थापित करने में मिली सफलता

इस तरह 1932 में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में पहली बार फार्मास्युटिकल केमिस्ट्री शिक्षा स्थापित करने में सफल रहे, जो बाद में फार्मास्यूटिक्स के पूर्ण विकसित विभाग के रूप में विकसित हुआ। यह संयुक्त राज्य अमेरिका की शिक्षा प्रणाली के समतुल्य आधुनिक फार्मास्युटिकल शिक्षा की शुरुआत थी। प्रो. श्रॉफ ने इस प्रकार इस देश में औषधि शिक्षा की आधारशिला रखी।

संयुक्त प्रांत फार्मास्युटिकल एसोसिएशन की शुरुआत

दिसंबर 1935 में उन्होंने संयुक्त प्रांत फार्मास्युटिकल एसोसिएशन की शुरुआत की, जिसके वे संस्थापक सचिव थे। इसके तुरंत बाद प्रो. श्रॉफ का आंदोलन उत्तर प्रदेश (तत्कालीन संयुक्त प्रांत) की सीमाओं को पार कर गया। दिसंबर 1939 में यूपी फार्मास्युटिकल एसोसिएशन का विस्तार किया गया और अन्य राज्यों में शाखाओं के साथ इंडियन फार्मास्युटिकल एसोसिएशन बन गया। उसी वर्ष के दौरान उन्होंने इंडियन जर्नल ऑफ़ फ़ार्मेसी का प्रकाशन शुरू किया और 1943 में बनारस छोड़ने तक लगभग चार वर्षों तक इसके प्रधान संपादक रहे। 1940 में ड्रग्स एक्ट पारित कराने में प्रो. श्रॉफ की महत्वपूर्ण भूमिका थी।

अभी भी भारत में फार्मास्युटिकल केयर के अनुसार फार्मेसिस्टों का नहीं बन सका मानक

आज भारत में फार्मेसी में डिप्लोमा बैचलर मास्टर पीएचडी के साथ ही फार्म डी की शिक्षा दी जा रही है हालांकि, अभी भी भारत में फार्मास्युटिकल केयर के अनुसार फार्मेसिस्टों का मानक नहीं बन सका है, इसलिए रोजगार के क्षेत्र में अभी बहुत कार्य किया जाना बाकी है। फेडरेशन द्वारा सरकार को इस संबंध में आवश्यक सुझाव भेजा जायेगा।

इन्होंने भी किया सम्बोधित

कार्यक्रम को मुख्य रूप से वरिष्ठ उपाध्यक्ष जेपी नायक, महामंत्री अशोक कुमार, सेवानिवृत्त विंग के प्रदेश अध्यक्ष जय सिंह सचान, ओपी सिंह सचिव रिटायर विंग, यूथ विंग के प्रदेश अध्यक्ष आदेश आदि ने भी संबोधित किया।

Comments are closed.