बांग्लादेश में हिंसा चिंताजनक, हिंदुत्ववादी ताकतों की राजनीतिक साजिशों में न फंसे भारतीय-AIPF
हादी के हत्या की न्यायिक जांच कराने का भी अनुरोध
Lucknow: बांग्लादेश में इंकलाब मंच के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद वहां हुई हिंसक घटनाओं पर ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट (AIPF) की राष्ट्रीय कार्य समिति ने गहरी चिंता जताई है। साथ ही इसकी न्यायिक जांच कराने का भी अनुरोध किया है।
सांप्रदायिक माहौल बनाने और पश्चिम बंगाल सरकार के विरुद्ध ध्रुवीकरण करने की कोशिश
शनिवार को जारी बयान में AIPF के राष्ट्रीय अध्यक्ष S.R. दारापुरी ने देश के अंदर हिंदुत्ववादी ताकतों द्वारा सांप्रदायिक माहौल बनाने और पश्चिम बंगाल सरकार के विरुद्ध ध्रुवीकरण करने की कोशिश की भी कड़ी निंदा की है। श्री दारापुरी ने भारत के नागरिकों से इनकी राजनीतिक चाल में न फंसने की अपील की है। हादी की हत्या के बाद बांग्लादेश में अखबार के दफ्तर, मीडिया, सांस्कृतिक संस्थानों और अल्पसंख्यकों पर हुए हमले को संगठन ने निंदनीय बताया।
हादी का BNP से भी उनका विरोध था
AIPF की राष्ट्रीय कार्य समिति की ओर से जारी बयान में श्री दारापुरी ने बताया कि हादी न केवल आवामी लीग व भारत विरोधी थे बल्कि बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) से भी उनका विरोध था। यहां तक कि जमाते इस्लामी से भी उनकी दूरी बन गई थी। एक रिपोर्ट के मुताबिक वह अपने इंकलाबी मंच से स्वतंत्र ढंग से चुनाव लड़ना चाहते थे। ऐसी स्थिति में हादी की हत्या की न्यायिक जांच कराया जाना बेहद जरूरी है।
यूसुफ की प्रशासनिक क्षमता बेहद कमजोर
हादी की हत्या यह दिखाती है कि अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार यूसुफ की प्रशासनिक क्षमता बेहद कमजोर है और तत्ववादी कट्टरपंथी तकतों का राजनीतिक प्रभाव बांग्लादेश में बढ़ा है। बांग्लादेश में सामान्य स्थिति पैदा करने के लिए ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट यह अपेक्षा करता है कि बंग्लादेश की अंतरिम सरकार 2026 में होने वाले चुनाव को स्वतंत्र और निष्पक्ष ढंग से करायेगी, जिससे कि वहां एक जवाबदेह सरकार बन सकेगी।
कड़ी सुरक्षा में हादी सुपुर्दे खाक
बता दें कि हादी को शनिवार को कड़ी सुरक्षा के बीच ढाका विश्वविद्यालय परिसर में बांग्लादेश के राष्ट्रीय कवि काजी नजरुल इस्लाम के मकबरे के बगल में दफना दिया गया। शव को सार्वजनिक दर्शन के लिए नहीं रखा गया था और केवल चुनिंदा लोगों को ही दफनाने की प्रक्रिया देखने की अनुमति दी गई थी।
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