अनुप्रिया पटेल ने किया “तंबाकू मुक्त युवा अभियान 3.0” का शुभारंभ , जानें कैसे होगा लक्ष्य हासिल

युवाओं से की तंबाकू व नशामुक्त जीवनशैली के राजदूत बनने की अपील, भारत ने फिल्मों, टीवी और ऑनलाइन माध्यमों में तंबाकू के चित्रण को नियंत्रित करने में अग्रणी भूमिका निभाई है – अनुप्रिया पटेल

97

नई दिल्ली, 9 अक्टूबर।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने आज यहां आयोजित एक हाइब्रिड कार्यक्रम में “तंबाकू मुक्त युवा अभियान 3.0” का शुभारंभ किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्रालय की सचिव पुन्या सलीला श्रीवास्तव, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सचिव अमित यादव, स्वास्थ्य सेवाओं की महानिदेशक डॉ. सुनीता शर्मा तथा मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव वी. हेकारी झिमोमी उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अनुप्रिया पटेल ने कहा कि “तंबाकू सेवन एक गंभीर जन स्वास्थ्य चुनौती है। बच्चे और किशोर अक्सर तंबाकू उत्पादों जैसे सिगरेट, बीड़ी या बिना धुएं वाले तंबाकू के प्रयोग के प्रति जिज्ञासु रहते हैं, जो आगे चलकर आजीवन लत, गंभीर बीमारियों और समयपूर्व मृत्यु का कारण बनते हैं।”

उन्होंने बताया कि भारत सरकार नागरिकों को तंबाकू से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए लगातार कदम उठा रही है। “भारत ने फिल्मों, टीवी और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर तंबाकू के चित्रण को नियंत्रित करने में वैश्विक नेतृत्व दिखाया है, जिससे स्वास्थ्य चेतावनियां और एंटी-तंबाकू संदेश व्यापक रूप से जनता तक पहुंचते हैं।”

उन्होंने कहा कि सभी प्रकार के तंबाकू विज्ञापन, प्रचार-प्रसार और प्रायोजन पूरी तरह प्रतिबंधित हैं, जिसमें ई-सिगरेट भी शामिल है। सभी तंबाकू पैकेटों पर बड़े चित्रात्मक स्वास्थ्य चेतावनी लेबल अनिवार्य हैं। नाबालिगों (18 वर्ष से कम) को तंबाकू उत्पादों की बिक्री तथा शैक्षणिक संस्थानों से 100 गज के दायरे में बिक्री पर भी पूर्ण प्रतिबंध है। ई-सिगरेट के निर्माण, बिक्री, परिवहन और भंडारण पर भी देशभर में रोक है।

अनुप्रिया पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं को “विकसित भारत” के अग्रदूत बताया है। इसी दृष्टिकोण से स्वास्थ्य मंत्रालय ने वर्ष 2023 में “तंबाकू मुक्त युवा अभियान” की शुरुआत की थी, ताकि युवा वर्ग को तंबाकू और निकोटीन की लत से बचाया जा सके। “इस अभियान का उद्देश्य केवल जागरूकता फैलाना नहीं बल्कि युवाओं को सशक्त बनाना है—ताकि वे साथियों के दबाव से मुक्त होकर समझदारी से निर्णय लें और नशामुक्त जीवनशैली के राजदूत बनें।”

उन्होंने बताया कि यह अभियान सरकार की “नशा मुक्त भारत अभियान” से भी जुड़ा हुआ है। दोनों अभियानों के संयुक्त प्रयासों से “स्वस्थ भारत, संपन्न भारत” के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है।

स्वास्थ्य सचिव पुन्या सलीला श्रीवास्तव ने कहा कि भारत की लगभग 65% आबादी युवा है, जो तंबाकू सेवन के जोखिम में है। उन्होंने बताया कि भारत ने डब्ल्यूएचओ फ्रेमवर्क कन्वेंशन ऑन टोबैको कंट्रोल पर हस्ताक्षर किए हैं और ई-सिगरेट निषेध अधिनियम 2019 जैसे सख्त कानून बनाए हैं।

स्वास्थ्य सचिव ने यह भी बताया कि ग्लोबल टोबैको सर्वे में भारत सरकार के प्रयासों की सराहना की गई है, जिससे तंबाकू सेवन में कमी आई है। उन्होंने कहा कि जन आंदोलन और क्षमता निर्माण के माध्यम से इन प्रयासों को और मजबूत किया जाएगा।

सामाजिक न्याय सचिव अमित यादव ने कहा कि “तंबाकू मुक्त युवा अभियान” नशा मुक्ति की दिशा में एक सशक्त कदम है। स्कूल और कॉलेज ऐसे स्थान हैं जहां से युवा इन आदतों में फंसते हैं, इसलिए शिक्षकों, अभिभावकों और समुदाय को इस दिशा में जागरूक करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम आधारित कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों में सही संदेश पहुंचाने की दिशा में कार्य चल रहा है।

तंबाकू मुक्त युवा अभियान 3.0 के प्रमुख पहलू:

60 दिवसीय अभियान के अंतर्गत तंबाकू के दुष्प्रभावों पर जनजागरूकता को बढ़ाना

शैक्षणिक संस्थानों को तंबाकू मुक्त क्षेत्र बनाए रखने के लिए सख्त अनुपालन

COTPA 2003 और PECA 2019 कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन को सुदृढ़ करना

तंबाकू मुक्त ग्राम पहल को विस्तारित करना

सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों से प्रचार को बढ़ाना

तंबाकू छोड़ने के लिए क्षमता निर्माण और परामर्श केंद्रों की स्थापना

कार्यक्रम में सभी प्रतिभागियों ने “से नो टू टोबैको” प्रतिज्ञा ली।
इस अवसर पर कई महत्वपूर्ण पहल की गईं —

WHO और वाइटल स्ट्रेटेजीज़ द्वारा बनाए गए शैक्षणिक वीडियो सीरीज का विमोचन

Voice of Tobacco Victims के प्रेरक अनुभव साझा किए गए

NIMHANS, बेंगलुरु में चौथी राष्ट्रीय तंबाकू परीक्षण प्रयोगशाला का समर्पण

आयुष संस्थानों में तंबाकू निवारण केंद्रों की स्थापना हेतु संचालन दिशानिर्देश और राष्ट्रीय रणनीतिक कार्ययोजना का शुभारंभ

युवाओं को प्रेरित करने वाला गीत “आज जिंदगी जीते हैं” पर फ्लैश मॉब प्रदर्शन

हर्ले ओनर्स ग्रुप और दिल्ली बाइकर ब्रेकफास्ट रन के सदस्यों द्वारा जागरूकता बाइक रैली

कार्यक्रम का समापन स्वास्थ्य मंत्रालय के आह्वान के साथ हुआ कि सभी मंत्रालय, संस्थान, सामाजिक संगठन और नागरिक इस अभियान को जन आंदोलन का रूप दें और सोशल मीडिया के माध्यम से इसके संदेश को देशभर में फैलाएं।

 

Comments are closed.