Amit Kharkhari ने CM रेखा गुप्ता को लिखा पत्र, रखी XL-VIIIY फंड बहाल करने की मांग
अनाधिकृत कॉलोनियों में विकास कार्य ठप, निवासियों को हो रही परेशानी
नई दिल्ली, 10 अक्तूबर
दिल्ली नगर निगम शिक्षा समिति के डिप्टी चेयरमैन एवं वार्ड संख्या 127, नजफगढ़ से निगम पार्षद अमित खरखड़ी ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को पत्र लिखकर XL-VIIIY फंड को पुनः चालू करने की मांग की है। यह फंड पहले दिल्ली सरकार द्वारा निगम को उपलब्ध कराया जाता था, ताकि अनाधिकृत कॉलोनियों में सड़कों, नालियों और जल निकासी जैसे विकास कार्य कराए जा सकें।
अमित खरखड़ी ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि यह फंड दिल्ली सरकार के प्लान हेड के तहत निगम पार्षदों को दिया जाता था, परंतु पिछले शासनकाल में आम आदमी पार्टी की सरकार ने इसे बंद कर दिया था। फंड के बंद हो जाने से निगम पार्षद अपने क्षेत्रों की अनाधिकृत कॉलोनियों में विकास कार्य नहीं कर पा रहे हैं, जिससे वहां के निवासियों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
खरखड़ी ने कहा कि “अनाधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लोग भी दिल्ली के नागरिक हैं और उन्हें समान सुविधाएं मिलनी चाहिए। परंतु XL-VIIIY फंड बंद होने के कारण निगम के पास इन क्षेत्रों में काम कराने की अनुमति नहीं रहती। इसके चलते गंदगी, टूटी सड़कों, जाम नालियों और जलभराव जैसी समस्याएं आम हो गई हैं।”
उन्होंने बताया कि पहले इस फंड के माध्यम से स्थानीय पार्षद तत्काल मरम्मत और सफाई जैसे कार्य करवा सकते थे, लेकिन अब इसके अभाव में शिकायतों का समाधान संभव नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत ढांचे में सराहनीय कार्य किए हैं, परंतु अनाधिकृत कॉलोनियों के विकास के बिना राजधानी की तस्वीर अधूरी है।
खरखड़ी ने कहा, “मेरी मुख्यमंत्री महोदय से यही नम्र प्रार्थना है कि XL-VIIIY फंड को पुनः चालू किया जाए ताकि हम अपने क्षेत्र में विकास कार्यों को गति दे सकें और हर नागरिक तक समान सुविधाएं पहुंचा सकें।”
उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को वे नगर निगम सदन में भी उठा चुके हैं और उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जनता की तकलीफ को समझते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेंगी।
खरखड़ी ने आगे कहा कि “अनाधिकृत कॉलोनियों में विकास कार्यों के पुनः शुरू होने से सड़कों, नालियों और गलियों की स्थिति सुधरेगी, सफाई व्यवस्था बेहतर होगी और लोगों के जीवन स्तर में सुधार आएगा। यह कदम दिल्ली को स्वच्छ और सुंदर बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास होगा।”
अमित खरखड़ी ने अंत में कहा कि यह मांग सिर्फ उनके वार्ड के लिए नहीं बल्कि पूरी दिल्ली के निगम पार्षदों की है, जो फंड की अनुपलब्धता के कारण अपने क्षेत्रों में विकास कार्य नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री इस विषय पर शीघ्र निर्णय लेकर जनता और निगम पार्षदों को राहत देंगी।
Comments are closed.