यूपी में छलका NHM कर्मियों का दर्द, CM योगी को सुनाई पीड़ा, जताई उम्मीद!
10 वर्ष या उससे अधिक सेवाएं दे चुके कर्मचारियों का समायोजन या नियमित करने की मांग
Lucknow: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत प्रदेशभर में 10 वर्ष या उससे अधिक सेवाएं दे चुके कर्मचारियों का समायोजन करते हुए उनके नियमित करने की मांग की गई है। साथ ही अन्य राज्यों की तरह अनुभवी कर्मियों के समायोजन के लिए नीति बनाने का भी अनुरोध किया गया है।
जनपद स्तर पर DM के माध्यम से CM योगी को भेजा ज्ञापन

भारतीय मजदूर संघ के आह्वान पर संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ, उत्तर प्रदेश द्वारा ज्वलंत मुद्दों को लेकर बुधवार को जनपद स्तर पर DM के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित ज्ञापन दिया गया। संघ के लखनऊ जिला मंत्री संजय वर्मा के मुताबिक, मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि वर्ष 2005 से संचालित मिशन के तहत तैनात संविदा कर्मचारी प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ के रूप में कार्य कर रहे हैं। कोविड महामारी से लेकर नियमित टीकाकरण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, आपातकालीन चिकित्सा एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन तक NHM कर्मियों ने निष्ठा एवं समर्पण के साथ महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने का प्रयास
संघ के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन टकराव का नहीं, बल्कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने का प्रयास है। यदि स्वास्थ्य कर्मियों को सेवा सुरक्षा, समयबद्ध वेतन एवं सामाजिक सम्मान प्राप्त होगा तो प्रदेश की जनता को और अधिक प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
संघ ने मुख्यमंत्री से अपेक्षा जताई है कि वे संवेदनशीलता एवं दूरदर्शिता का परिचय देते हुए मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेकर हजारों स्वास्थ्य कर्मियों एवं उनके परिवारों को न्याय प्रदान करेंगे।
ज्ञापन में उठाए गए प्रमुख मुद्दे-
वेतन भुगतान में विलंब– दीपावली 2025 से निरंतर वेतन भुगतान में हो रहे विलंब से हजारों परिवार आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। SNA–eSPARSH प्रणाली की तकनीकी बाधाओं के कारण वेतन समय से प्राप्त नहीं हो पा रहा है। प्रत्येक माह की 3 तारीख से पूर्व नियमित वेतन भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की गई।
राज्य आधारित स्थायी स्वास्थ्य व्यवस्था– प्रदेश के कुल बजट का न्यूनतम 9–10% स्वास्थ्य क्षेत्र हेतु निर्धारित करने, IPHS मानकों के अनुसार नए पद सृजित करने एवं दीर्घकालीन स्थायी स्वास्थ्य ढांचे के निर्माण की मांग की गई।
10 वर्ष या अधिक सेवा पूर्ण कार्मिकों का समायोजन/नियमितीकरण– अन्य राज्यों की भांति अनुभवी कार्मिकों के समायोजन हेतु नीति बनाने का अनुरोध किया गया।
स्पष्ट एवं पारदर्शी वेतन नीति – मध्य प्रदेश की तर्ज पर वेतन निर्धारण नीति लागू कर वेतन विसंगतियां दूर करने तथा वरिष्ठता के आधार पर वार्षिक वेतन वृद्धि सुनिश्चित करने की मांग की गई।
सामाजिक सुरक्षा एवं सेवा स्थिरता – स्वास्थ्य बीमा, EPF, ग्रेच्युटी सहित समस्त सामाजिक सुरक्षा लाभ लागू करने एवं वार्षिक एग्रीमेंट व्यवस्था समाप्त कर दीर्घकालीन संविदा प्रणाली लागू करने की मांग की गई।
मानव संसाधन नीति एवं स्थानांतरण नीति – श्रम कानूनों का पूर्ण पालन, नियमित GRC बैठकें तथा गृह जनपद के अनुरूप तैनाती की स्पष्ट स्थानांतरण नीति लागू करने की मांग की गई।
कार्यक्रम में प्रदेश महामंत्री योगेश उपाध्याय के नेतृत्व में मंडल संयोजिका बिंदुमती, डॉ. अभयानंद, प्रदेश कोषाध्यक्ष अभयानंद, जिला सचिव राम ललित शुक्ला सहित अन्य सक्रिय पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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