लखनऊ समेत पूरे यूपी में नर्सों का प्रदर्शन, पांच दिनों तक काली पट्टी बांधकर जताएंगी विरोध
छह फरवरी को राष्ट्रीय स्तर पर दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन का ऐलान
Lucknow: आउटसोर्सिंग एवं संविदा प्रथा पर रोक लगाने समेत महत्वपूर्ण मांगों को लेकर प्रदेश भर के अस्पतालों में तैनात नर्सें सोमवार से प्रदर्शन करेंगी। 2 से पांच फरवरी तक चलने वाले चार दिवसीय प्रदर्शन के दौरान नर्सें अपने हाथों पर काली पट्टी बांधकर विरोध जताएंगी। इसके बाद छह फरवरी को राष्ट्रीय स्तर पर दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन कर एकता का प्रदर्शन होगा।
AIGNF के आह्वान पर यूपी में राजकीय नर्सेस के बैनर तले होगा प्रदर्शन

ऑल इंडिया गवर्नमेंट नर्सेस फेडरेशन नई दिल्ली (AIGNF) के आह्वान पर यह प्रदर्शन शुरू हो रहा है। यूपी में राजकीय नर्सेस उत्तर प्रदेश के बैनर तले इसका आयोजन होगा। यह जानकारी राजकीय नर्सेस उत्तर प्रदेश की अध्यक्षा शर्ली भण्डारी व महामंत्री अशोक कुमार ने दी।
नर्सिंग पेशा केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का सबसे मजबूत स्तंभ: अशोक कुमार
अशोक कुमार ने बताया कि GNM, B.Sc, M.Sc नर्सिंग स्टाफ, PHN, नर्सिंग ट्यूटर, सीनियर/जूनियर नर्सेस, संविदा एवं नियमित नर्सिंग कर्मी, नर्सिंग छात्र- छात्राएं- नर्सिंग पेशा केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का सबसे मजबूत स्तंभ है। हम दिन-रात कठिन परिस्थितियों में मरीजों की सेवा करते हैं, फिर भी आज हमारा पेशा उपेक्षा, अन्याय, स्टाफ की भारी कमी, आउटसोर्सिंग, संविदा शोषण और सम्मान की कमी से जूझ रहा है।
अधिकांश मुद्दे आज भी लंबित
अशोक कुमार ने बताया कि इन गंभीर समस्याओं को लेकर वर्षों से ज्ञापन, वार्ता और शांतिपूर्ण संवाद होते रहे हैं, लेकिन अधिकांश मुद्दे आज भी लंबित हैं। अब स्थिति ऐसी बन चुकी है कि नर्सिंग पेशे का भविष्य ही खतरे में दिखाई दे रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए आंदोलन शुरू किया जा रहा है।
प्रमुख मांगें:
• 8वें वेतन आयोग में नर्सिंग से जुड़ी न्यायसंगत सिफारिशें,
• नर्सिंग कैडर की मूल संरचना की पुनः बहाली,
• आउटसोर्सिंग एवं संविदा प्रथा पर रोक,
• सुरक्षित नर्स-रोगी अनुपात एवं स्टाफ की भर्ती,
• समान कार्य– समान वेतन,
• पदोन्नति, करियर ग्रोथ एवं लंबित भत्तों का भुगतान,
• नर्सिंग पेशे में अनावश्यक हस्तक्षेप समाप्त किया जाए।
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