गन्ना निरीक्षक के पद पर पदोन्नति के लिए 36 वर्षों से नहीं हुई डीपीसी, कर्मचारी परिषद नाराज
मुख्य सचिव के शासनादेश को भी किया दरकिनार, अत्यंत खेदजनक
Lucknow: राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने गन्ना पर्यवेक्षकों का 36 वर्षों से भी अधिक समय से पदोन्नति के लिए डीपीसी तक नहीं कराने पर नाराजगी जताई है। संगठन में उप्र के महामंत्री अतुल मिश्रा ने बताया कि गन्ना विभाग में कार्यरत गन्ना पर्यवेक्षकों की पदोन्नति गन्ना विकास निरीक्षक के पद पर होनी है। विभाग में गन्ना पर्यवेक्षक के पद पर कार्य करते 36 वर्ष बीत गये, पर इनकी अब तक एक भी पदोन्नति नहीं दी गई।
मुख्य सचिव के शासनादेश को दरकिनार करना खेदजनक
महामंत्री ने बताया कि यह अत्यन्त खेद का विषय है कि मुख्य सचिव द्वारा सभी विभागों को कई बार शासनादेश जारी कर निर्देश दिए जा चुके हैं कि राज्यकर्मियों की पदोन्नति तय समय पर की जाए परन्तु गन्ना विभाग द्वारा शासनादेशों की अनदेखी कर पदोन्नति की प्रक्रिया को अवरुद्ध कर दिया है। इससे कर्मचारियों को आर्थिक हानि के साथ-साथ कार्य दायित्व में भी परेशानी हो रही है।
मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को पत्र भेजकर अनुरोध
इस संबंध में मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव को पत्र भेजकर अनुरोध किया है कि वे कर्मचारियों की समस्याओं के निराकरण के लिए पुनः प्रभावी निर्देश जारी करें। साथ ही पदोन्नति के प्रकरण पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए पदोन्नति की प्रक्रिया को समयबद्धता के साथ पूर्ण करने के लिए शीघ्र डीपीसी कराकर पदोन्नति की प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश जारी करें।
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