TRADE FAIR 2025 में छाईं ‘जीविका दीदियां

लाख की चूड़ियों से सिल्क-साड़ियों तक बिहार ने लूटी वाहवाही

64

नई दिल्ली

ट्रेड फ़ेयर 2025 के अंतिम वीकेंड पर बिहार पवेलियन पूरी तरह से जीविका दीदियों के हुनर और स्वदेशी क्राफ्ट्स की चमक से जगमगा उठा। इस बार दर्शकों का सबसे ज़्यादा ध्यान आकर्षित किया बिहार की जीविका महिला उद्यमियों ने, जिनके बनाए उत्पादों ने न सिर्फ़ स्टॉल्स पर भीड़ खड़ी कर दी, बल्कि खरीदारों का दिल भी जीत लिया।

सबसे अधिक चर्चा में रहीं शिवहर की आमना खातून, जिनकी अनोखी लाख की चूड़ियाँ इस बार ट्रेड फ़ेयर का बड़ा आकर्षण बनीं। 2015 में शुरू किए गए उनके इस उद्यम में फोटो प्रिंटिंग, नाम उकेरने (इंग्रेविंग) और नवीन डिज़ाइनों वाली चूड़ियाँ शामिल हैं, जिनकी कीमत 250 से 700 रुपये तक है। बड़ी संख्या में आए खरीदारों ने इनके कलेक्शन को “यूनिक और किफायती” बताया।

वहीं, भागलपुर की दाशो देवी द्वारा लाई गई शुद्ध सिल्क की साड़ियाँ और सूट (400 से 9000 रुपये) ने बिहार पवेलियन को अलग ही पहचान दी। इनके साथ-साथ नवादा की रंजीला देवी की सिल्क और कॉटन हैंडलूम साड़ियाँ–सूट भी खूब पसंद किए गए। हर स्टॉल पर लगी लंबी कतारों ने बता दिया कि बिहार की बुनाई और टेक्सचर आज भी देशभर में अपनी खास जगह बनाए हुए हैं।

इसके अलावा, बिहार खादी की सिमरन के स्टॉल पर मधुबनी और मिथिला प्रिंट वाले हैंडबैग व साइड बैग्स ने युवा वर्ग और महिलाओं के बीच भारी लोकप्रियता बटोरी। पारंपरिक कला और आधुनिक डिज़ाइन का यह मेल आगंतुकों के लिए खास आकर्षण का केंद्र रहा।

कुल मिलाकर, इस वीकेंड ने यह साबित कर दिया कि बिहार की जीविका दीदियों की मेहनत, कला और उद्यमिता का प्रभाव राष्ट्रीय मंच पर तेजी से बढ़ रहा है। ट्रेड फ़ेयर 2025 में मिले रिकॉर्ड रिस्पॉन्स ने न सिर्फ़ उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया, बल्कि बिहार के स्थानीय उत्पादों को पूरे देश में नई पहचान भी दी।

Comments are closed.