गोसाईंगंज में NBS, फ़ाइलेरिया संक्रमण का पता लगाने के लिए किया जा रहा सर्वे
राष्ट्रीय फ़ाइलेरिया उन्मूलन के तहत हुई है शुरूआत
Lucknow: लखनऊ के गोसाईंगंज ब्लाक में फ़ाइलेरिया संक्रमण का पता लगाने के लिए 18 नवम्बर से नाईट ब्लड सर्वे (NBS) शुरू हुआ है जो 22 नवम्बर तक चलेगा। राष्ट्रीय फ़ाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत इसकी शुरूआत की गई है।
महमूदपुर और रहमतनगर का हुआ है चुनाव
इस सम्बन्ध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. N.B. सिंह ने बताया कि NBS के लिए गोसाईंगंज में एक रेंडम साईट महमूदपुर और एक सेंटीनील साईट रहमतनगर का चुनाव किया गया है और हर साईट से 300 लोगों के रक्त के नमूने लिए जाने का लक्ष्य है। रक्त के नमूने रात के 10 से दो बजे तक लिए जा रहे हैं, क्योंकि फ़ाइलेरिया का परजीवी, माइक्रोफ़ाइलेरिया रात के समय में सक्रिय होते हैं।
अभियान के लिए दो सदस्यीय चार टीमें गठित
अभियान को सुचारू रूप से चलाने के लिए दो सदस्यीय चार टीमें गठित की गयी हैं। 20 साल से अधिक आयु के लोगों के रक्त के नमूने लिया जा रहे हैं, क्योंकि फ़ाइलेरिया का मच्छर काटने के बाद लक्षण आने में पांच से 15 साल लग जाते हैं। अब तक रक्त के 302 नमूने लिए गए हैं।
पिछले साल सभी CHC की कुल 44 साईट में आयोजित हुआ था NBS

जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. रितु श्रीवास्तव ने बताया कि पिछले साल नवम्बर माह में जनपद की सभी CHC की कुल 44 साईट में NBS आयोजित किया गया था, जिसमें गोसाईंगंज की एक साईट में माइक्रोफ़ाइलेरिया रेट एक फीसद से अधिक निकल आया था, बाकि अन्य 43 साईट NBS में पास हो गयीं और वहां प्री ट्रांसमिशन असेसमेंट सर्वे (टास) का आयोजन होगा।
गोसाईंगंज में चलाया गया था MDA अभियान
इस साल फरवरी में गोसाईंगंज में सर्वजन दवा सेवन (MDA) अभियान चलाया गया था। इसी क्रम में फाइलेरिया संक्रमण का पता लगाने के लिए यहां NBS कराया जा रहा है, जिसमें आशा कार्यकर्ता, प्रधान सहयोग कर रहे हैं। वर्तमान में जनपद में फ़ाइलेरिया के 2528 मरीज हैं, जिनमें लिम्फोडिमा के 2500 और हाइड्रोसील के 28 मरीज हैं।
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