सफदरजंग के सर्जनों ने किशोरी के पेट से निकला 10 किलो का ट्यूमर

पिछले पांच सालों से लड़की के शरीर में बढ़ रहा था रेट्रोपेरिटोनियल ट्यूमर

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नई दिल्ली, 9 अक्टूबर

सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों ने एक 19 वर्षीय लड़की के पेट से 10.1 किलोग्राम वजनी विशाल ट्यूमर सफलतापूर्वक निकालकर उसकी ज़िंदगी में नई उम्मीद जगा दी है। यह दुर्लभ रेट्रोपेरिटोनियल ट्यूमर पिछले पांच वर्षों से लड़की के शरीर में बढ़ रहा था, जिससे उसके कई महत्वपूर्ण अंग और रक्त वाहिकाएं दबाव में आ गई थीं।

अस्पताल के निदेशक डॉ. संदीप बंसल, प्राचार्य डॉ. गीतिका खन्ना, मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. चारु बंबा और एनेस्थीसिया विभाग की प्रमुख डॉ. कविता शर्मा के नेतृत्व में एक विशेषज्ञ सर्जिकल टीम ने यह जटिल ऑपरेशन अंजाम दिया। सर्जरी टीम का नेतृत्व सर्जरी यूनिट S6 की प्रोफेसर डॉ. शिवानी बी. परुथी ने किया।

करीब 30 x 20 x 20 सेंटीमीटर आकार का यह ट्यूमर हटाने की प्रक्रिया अत्यंत चुनौतीपूर्ण थी क्योंकि यह पेट के अंदरूनी हिस्से में कई प्रमुख अंगों को विस्थापित कर चुका था। बावजूद इसके, टीम ने बिना किसी जटिलता के ऑपरेशन को सफलतापूर्वक पूरा किया।

इस बहु-विषयक प्रयास में एनेस्थीसियोलॉजिस्ट, रेडियोलॉजिस्ट, सीटीवीएस विशेषज्ञ, ओटी और आईसीयू कर्मी सहित अनेक सहयोगी शामिल रहे। सभी की सामूहिक मेहनत से मरीज के अंगों को उनकी सामान्य स्थिति में वापस लाया गया और ऑपरेशन के बाद उसकी रिकवरी भी सुचारू रही।

एचडीयू वार्ड-24 में विशेष देखरेख और गहन उपचार के बाद मरीज को पूरी तरह स्वस्थ अवस्था में डिस्चार्ज कर दिया गया।

यह सफल सर्जरी न केवल सफदरजंग अस्पताल की चिकित्सा विशेषज्ञता और टीमवर्क का प्रमाण है, बल्कि यह जीवन बचाने की उनकी अटूट प्रतिबद्धता का भी उदाहरण है। जिसने एक युवा लड़की और उसके परिवार को नया जीवन और नई आशा दी है।

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