राजभाषा पखवाड़ा: प्रतापगढ़ जं. पर हुई हिंदी कार्यशाला एवं प्रश्नोत्तरी, रेलकर्मियों ने उत्साह के साथ की भागीदारी
रेलकर्मी सरकारी कार्यों के साथ-साथ अपने व्यक्तिगत जीवन में भी अपनाएँ हिंदी
Lucknow, (Mukesh Kumar): राजभाषा पखवाड़ा के तहत शुक्रवार को मां बेल्हा देवी धाम प्रतापगढ़ जं. स्थित परिसर में हिंदी कार्यशाला एवं ज्ञान प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता हुई। इस दौरान रेलकर्मियों से आह्वान किया गया कि वे सरकारी कार्यों के साथ-साथ अपने व्यक्तिगत जीवन में भी हिंदी भाषा को अपनाएँ।
राजभाषा पत्रिका “सारंग” में लेख, कविताएँ आदि भेजने के लिए भी किया प्रेरित

सीनियर DCM कुलदीप तिवारी के मुताबिक, इस अवसर पर स्टेशन पर सभी नामपट्ट, सूचना पट्ट, रजिस्टरों के मुख्य पृष्ठ तथा मुहरों का द्विभाषी रूप में होना सुनिश्चित करने की बात कही गई। साथ ही कर्मचारियों को मण्डल की राजभाषा पत्रिका “सारंग” हेतु लेख, कविताएँ आदि भेजने के लिए भी प्रेरित किया गया। स्टेशन पर कार्यरत सभी विभागों के कर्मचारियों ने हिंदी प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता उत्साहपूर्वक भाग लिया।
“कामायनी” “नदी के द्वीप” में निहित सामाजिक सरोकारों एवं मानवीय मूल्यों पर भी हुई चर्चा
कार्यक्रम में साहित्यिक विमर्श भी आयोजित हुआ जिसमें जयशंकर प्रसाद की कालजयी कृति “कामायनी” तथा अज्ञेय के प्रसिद्ध उपन्यास “नदी के द्वीप” में निहित सामाजिक सरोकारों एवं मानवीय मूल्यों पर सारगर्भित चर्चा की गई।
दरअसल, उत्तर रेलवे, लखनऊ मंडल में 14 से 28 सितंबर तक राजभाषा पखवाड़ा आयोजित किया जा रहा है। इसी के तहत यह सभी प्रतियोगितायें हुईं।
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