सीएम योगी से नर्सिंग भर्ती परीक्षा में अन्य राज्यों के आवेदन पर रोक लगाने की मांग, रितेश मल्ल बोलें- केवल यूपी के ही डिप्लोमा धारकों को करें शामिल

अन्य प्रदेशों के डिप्लोमा धारकों के आवेदन पर रोक लगाने की मांग

1,129

इंडिन्यूज लाइन, लखनऊ:
नर्सिंग भर्ती परीक्षा में राजस्थान समेत अन्य बाहरी राज्यों के डिप्लोमा धारकों को लगातार आवेदन से उत्तर प्रदेश के युवाओं को नौकरी मिलना मुश्किल हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस पर रोक लगाते हुए केवल उत्तर प्रदेश के ही निवासियों को शामिल करने की मांग की गई है।

मुख्यमंत्री से नर्सिंग भर्ती परीक्षा नियमावली में संशोधन करने का अनुरोध

इसके लिए सुभासपा श्रम प्रकोष्ठ के यूपी अध्यक्ष रितेश मल्ल ने मुख्यमंत्री से नर्सिंग भर्ती परीक्षा नियमावली में संशोधन करने का अनुरोध किया है। जिससे कि उत्तर प्रदेश के युवा उपेक्षित महसूस ना करें। रितेश ने सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजा है।

अन्य प्रदेशों के अभ्यर्थियों का भारी संख्या में हो रहा चयन

सुभासपा श्रम प्रकोष्ठ के यूपी अध्यक्ष रितेश मल्ल ने बताया कि सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों तथा मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग भर्ती की प्रक्रिया समय- समय पर होती रहती है। जिसमें देखा जा रहा है कि अन्य प्रदेशों के डिप्लोमा धारक आवेदन करते हैं। इसके साथ ही अन्य प्रदेशों के अभ्यर्थियों का चयन भी भारी संख्या में हो रहा है। चिकित्सा संस्थानों में राजस्थान के अधिकांशत: नर्सिंग कर्मचारी दिखाई दे रहे हैं।

राजस्थान समेत अन्य राज्यों के निवासियों के लिए वहीं की शैक्षिक योग्यता अनिवार्य

रितेश मल्ल ने यह भी कहा कि राजस्थान, केरल, हरियाणा, मध्य प्रदेश, बिहार के निवासियों के लिए वहीं की शैक्षिक योग्यता सरकार द्वारा अनिवार्य किया गया है। लेकिन उप्र. सरकार की ओर से इस पर रोक नहीं लगाने से यहां के योग्य तथा अनुभवी युवा स्थाई नौकरी से वंचित होते जा रहे हैं। वहीं अन्य प्रदेशों के निवासी यहां नौकरी कर रहे हैं। ऐसे में सरकार की रोजगार के क्षेत्र में मनसा पर पर पानी फिर रहा है।

बाहरियों को नौकरी मिलना उचित नहीं

नर्सिंग भर्ती में केवल उप्र का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया गया है जबकि बाहरी आकर रजिस्ट्रेशन करवा रहे हैं। आवेदन के बाद उन्हें नौकरी मिल रही है जो उचित नहीं है।

Comments are closed.